दिल्ली: यमुना नदी को लेकर दिल्ली और हरियाणा सरकारों के बीच विवाद गहरा गया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर यमुना में जहर मिलाने का आरोप लगाया, जिसके बाद हरियाणा सरकार ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश दिया।
हरियाणा सरकार यमुना में जहरीला पदार्थ मिला रही: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार यमुना में जहरीला पदार्थ मिला रही है, जिससे दिल्ली की जनता को प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस पर हरियाणा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी इसी पानी का सेवन करते हैं, तो क्या हरियाणा सरकार जहरीला पानी देगी? उन्होंने केजरीवाल के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कानूनी कार्रवाई का ऐलान किया है।
देश की सबसे स्वच्छ नदियां
यमुना प्रदूषण को लेकर जहां विवाद जारी है, वहीं भारत में कई नदियां ऐसी भी हैं जो अत्यधिक स्वच्छ मानी जाती हैं।
उमनगोट नदी (मेघालय) –
मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में स्थित उमनगोट नदी को भारत की सबसे साफ नदी माना जाता है। इस नदी का पानी इतना साफ है कि इसकी तलहटी के पत्थर तक देखे जा सकते हैं।
चंबल नदी (राजस्थान-मध्यप्रदेश) –
यह नदी राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच बहती है और कम औद्योगिक प्रदूषण के कारण स्वच्छ बनी हुई है।
तीस्ता नदी (सिक्किम-पश्चिम बंगाल) –
309 किमी लंबी यह नदी सिक्किम और पश्चिम बंगाल को अलग करती है और भारत की स्वच्छ नदियों में शामिल है।
ब्रह्मपुत्र नदी (असम) –
असम की ब्रह्मपुत्र नदी को भी साफ नदियों में गिना जाता है। यह दुनिया की सबसे चौड़ी नदी मानी जाती है।
तुईपुई नदी (भारत-म्यांमार सीमा) –
यह नदी भारत और म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बहती है और बेहद निर्मल और स्वच्छ मानी जाती है।
यमुना की सफाई पर सवाल
जहां देश की कई नदियां निर्मल जलधारा के लिए प्रसिद्ध हैं, वहीं यमुना नदी का पानी दिल्ली में बेहद प्रदूषित हो चुका है। हरियाणा और दिल्ली सरकारों के बीच इसका राजनीतिक विवाद जारी है, लेकिन सच्चाई यह है कि यमुना को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।




