पीएम मोदी बोले- बीरभूम हिंसा के दोषियों को माफ न करें बंगाल के लोग, उधर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

कोलकाता, बंगाल में बीरभूम जिले के रामपुरहाट इलाके के बागडुई में गत सोमवार रात तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता भादू शेख की हत्या के बाद हुई हिंसा में 10 लोगों को जिंदा जलाने के आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दुख व्यक्त करते हुए बंगाल के लोगों से अपील की है कि वे ऐसी जघन्य वारदात करने वालों व ऐसे अपराधियों का हौसला बढ़ाने वालों को कभी माफ न करें।

कलकत्ता हाई कोर्ट सख्‍त 

उधर, कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में कहा कि वह मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) से जांच कराने को तैयार है। मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने भी पुलिस से कार्रवाई को कहते हुए रिपोर्ट मांगी है। हिंसा के बाद इलाके में तनाव है। डर की वजह से कई परिवार यहां से पलायन कर गए हैं।

बंगाल की महान धरती पर जघन्य पाप 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को शहीद दिवस के अवसर पर कोलकाता स्थित विक्टोरिया मेमोरियल हाल में नवनिर्मित बिप्लवी भारत गैलरी का वर्चुअल उद्घाटन करने के दौरान बीरभूम में हुई हिंसा का जिक्र किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि बंगाल की महान धरती पर ऐसा जघन्य पाप करने वालों को राज्य सरकार सजा जरूर दिलवाएगी।

राज्‍य सरकार जो मदद चाहेगी हम देंगे

पीएम ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से मैं राज्य को इस बात के लिए आश्वस्त करता हूं कि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने में जो भी मदद वह चाहेगी, उसे उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम ने कहा कि पीडि़तों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।

दिल्ली की सीएफएसएल टीम जुटाए साक्ष्य

रामपुरहाट की घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई शुरू कर दी। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने केंद्र के अतिरिक्त सालिसिटर जनरल से पूछा कि क्या मामले की जांच की जिम्मेदारी लेने को सीबीआइ तैयार है। इस पर अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ने कहा कि जांच के लिए सीबीआइ तैयार है। इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग घटना के बाद से ही हो रही है।

दाखिल करें स्थिति रिपोर्ट

कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा है कि गुरुवार दोपहर दो बजे तक वह घटना की स्टेटस रिपोर्ट पीठ में दाखिल करे। हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि सेंट्रल फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी (सीएफएसएल) दिल्ली की टीम जल्द मौके से साक्ष्य एकत्र करे। आगजनी में घायल एक नाबालिग बालक सहित गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पीठ ने निर्देश दिया कि शवों के पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिग की जाए। यदि पोस्टमार्टम हो गया है तो सरकार अपनी रिपोर्ट में यह भी बताए कि उनकी वीडियोग्राफी की गई थी या नहीं।

एनसीडब्ल्यू और एनसीपीसीआर ने लिया संज्ञान

एनसीडब्ल्यू ने संज्ञान लेते हुए बुधवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक और बीरभूम जिले के पुलिस अधीक्षक को दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर मामले में की गई कार्रवाई से 24 घंटे में अवगत कराने कोकहा है। दूसरी ओर, एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने भी इस घटना पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।

लोकसभा में भी उठा मुद्दा

प्रेट्र के अनुसार, लोकसभा में बंगाल भाजपा के अध्यक्ष व बालुरघाट से सांसद सुकांत मजूमदार ने टीएमसी के शासन में कानून एवं व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में एक सप्ताह में 26 लोगों की हत्या हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।

राजनीतिक संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं

वहीं, लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बीरभूम जिले में जो हुआ, उसका राजनीतिक संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने टीएमसी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात का समय मांगने की बात भी कही।

राज्यपाल बोले-मैं मूकदर्शक नहीं बन सकता

बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य सरकार की कार्रवाई राजनीति से प्रभावित है। दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मैं मूक दर्शक नहीं बन सकता। बुधवार को रामपुरहाट गए नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना की सीबीआइ तथा राष्ट्रीय जांच एजेंसी से जांच की मांग दोहराई।

ममता ने कहा-दूसरे राज्यों में होती रहती हैं ऐसी घटनाएं

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हिंसा की ऐसी घटनाएं पेट्रोल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि जैसे चिंताजनक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए रची गई साजिश का परिणाम है। ऐसी घटनाएं उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान में अक्सर होती रहती हैं।

मृतकों के स्वजन का पुलिस पर गंभीर आरोप

हिंसा में मारे गए लोगों के स्वजन का आरोप है कि रामपुरहाट एक नंबर प्रखंड के तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष अनारुल हुसैन के निर्देश पर वारदात हुई। पुलिस भी उसी की बात मानती है। पुलिस को सब पता था, फिर भी लोगों को नहीं बचाया। इस बीच मंगलवार रात को ही आठ शवों को दफना दिया गया। इनमें छह लोगों की पहचान हो पाई है। इनके नाम मीना बीबी, नूरनिहार बीबी, रूपाली बीबी, बानी शेख, मिहिर शेख व नेकलाल शेख हैं। मृतकों में दो बच्चे भी हैं।

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