पेरिस में पीएम मोदी: AI समिट, ऊर्जा क्षेत्र और भारत-फ्रांस सहयोग पर अहम बैठकें

पेरिस में पीएम मोदी: AI समिट, ऊर्जा क्षेत्र और भारत-फ्रांस सहयोग पर अहम बैठकें

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय फ्रांस दौरे पर पेरिस पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एलिसी पैलेस में औपचारिक डिनर किया। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण “एआई एक्शन समिट” है, जहां पीएम मोदी वैश्विक नेताओं के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य पर चर्चा करेंगे।

इंडिया एनर्जी वीक 2025 का उद्घाटन
पीएम मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2025 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी भारत की है, और देश न केवल खुद को बल्कि पूरी दुनिया को विकास की ओर ले जा रहा है। उन्होंने भारत की ऊर्जा

महत्वाकांक्षाओं को 5 प्रमुख स्तंभों पर आधारित बताया:

संसाधनों की प्रचुरता
प्रतिभाशाली मानव संसाधन
मजबूत आर्थिक क्षमता
राजनीतिक स्थिरता
रणनीतिक भूगोल और वैश्विक स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता

पीएम मोदी ने अगले दो दशकों को ‘विकसित भारत’ के लिए बेहद महत्वपूर्ण करार दिया और कहा कि भारत अगले 5 वर्षों में कई नए मील के पत्थर हासिल करेगा।

भारत-फ्रांस सहयोग पर चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पेरिस में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट से मुलाकात की। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कनेक्टिविटी, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

पेरिस AI समिट: भारत की बढ़ती भूमिका
पेरिस में हो रहे एआई समिट (India In France AI Summit) को एआई क्षेत्र का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका, चीन सहित 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इस समिट में भारत सह-अध्यक्षता कर रहा है, जिससे उसकी वैश्विक एआई नेतृत्व में बढ़ती भूमिका साफ नजर आती है।

भारत अपने AI मिशन के तहत एआई क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और सुरक्षित एआई विकास को प्राथमिकता दे रहा है। इस समिट में भारत AI एथिक्स, डेटा सुरक्षा और ग्लोबल AI गवर्नेंस से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी रणनीति साझा करेगा।

पीएम मोदी की यह फ्रांस यात्रा ऊर्जा, एआई और द्विपक्षीय सहयोग के लिहाज से ऐतिहासिक मानी जा रही है। भारत की वैश्विक एआई नेतृत्व में बढ़ती भागीदारी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह दौरा कई अहम समझौतों और रणनीतिक पहलों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

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