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नई दिल्ली, 24 फरवरी 2021

माफिया विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को वापस उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) भेजने के मामले की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई. यूपी सरकार की तरफ से सालिसिटर जनरल तुषार मेहता (Tushar Mehta) ने अपनी दलीलें रखीं तो मुख्तार की तरह से मुकुल रोहतगी (Mukul Rohatgi) ने पक्ष रखा. इस दौरान रोहतगी ने मुख्तार अंसारी को छोटा आदमी बताते हुए कहा कि यूपी सरकार जानबूझकर उसे परेशान कर रही है. मुख्तार अंसारी के वकील के बयान पर यूपी की तरफ से पेश हुए सालिसिटर जनरल तुषार मेहता (Tushar Mehta) ने कहा कि ये इतने छोटे आदमी हैं जिनको बचाने के लिए पूरी पंजाब सरकार बेशर्मी से इनके पीछे खड़ी है. तुषार मेहता की बात सुनकर मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगर मैं (मुख्तार) इतना ताकतवर हूं तो मुझे सीएम बना दो. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई दो मार्च तक टाल दी है.

यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित दलीलें दाखिल करते हुए कहा वह, मुख्तार की सुरक्षा और उसके स्वास्थ्य को लेकर प्रतिबद्ध है. यूपी सरकार ने हलफनामे में कहा कि सुप्रीम कोर्ट अपने अधिकारों  का इस्तेमाल कर मुख्तार को वापस उत्तर प्रदेश भेजे. यूपी सरकार ने कहा कि मोहाली में दर्ज केस भी प्रयागराज ट्रांसफर किया जाए. उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी पर प्रयागराज के MP/MLA कोर्ट में जघन्य अपराध के 10 केस दर्ज हैं. बांदा जेल सुपरिटेंडेंट ने बिना MP/MLA कोर्ट की अनुमति पंजाब पुलिस को सौंपा था. उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक ख्तार अंसारी के खिलाफ कई बार पेशी वारंट जारी हुआ, रोपड़ जेल अधिकारी अंसारी को बीमार बताते रहे.

उत्तर प्रदेश सरकार ने मिलीभगत का आरोप भी लगाया. सरकार की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि मोहाली मामले में 2 साल से चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है लेकिन फिर भी अंसारी वहां ज़मानत नहीं मांग रहा है, मिलीभगत साफ दिख रही है. मुख्तार अंसारी 15 साल से यूपी की जेल में था जहां उसको सभी मेडिकल सुविधा प्रदान की गई थी. सरकार ने कहा कि मुख्तार अंसारी जिस माफिया ब्रजेश सिंह से खतरा बता रहे हैं वो ब्रजेश सिंह पिछले दस साल से यूपी की जेल में बंद है. हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर और हार्डकोर अपराधी मुख्तार अंसारी के दुश्मन होना लाजमी है.

सरकार ने अपने हलफनामे में कोर्ट में कहा कि वहीं कानून के शिकंजे से बचने के लिए ये आधार नहीं हो सकता कि वो किसी दूसरे राज्य में शरण ले. इसलिए उसके ट्रायल के.लिए यूपी भेजा जाए. उत्तर प्रदेश सरकार ने ये भी कहा है कि इस मामले में उसकी याचिका सुनवाई योग्य है और वो इसके लिए हित रखने वाला पक्षकार है.