PFI Raid: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) देशभर में PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े ठिकानों पर छापा मार रही है। देश के 13 राज्यों में चलाए जा रहे इस ऑपरेशन में एनआईए के अलावा और कई राष्ट्रीय एजेंसियां शामिल हैं। इस कार्रवाई में यूपी से लेकर केरल और असम से लेकर राजस्थान तक फैले पीएफआई के मॉड्यूल पर सर्जिकल स्ट्राइक की जा रही है। बता दें कि पीएफआई पर बुधवार आधी रात से ही जांच एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। आइए जानते हैं इस कार्रवाई से जुड़ी इनसाइड स्टोरी।
इन राज्यों में चल रही छापेमारी :
NIA की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, असम, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रेदश, पुडुचेरी और राजस्थान में चल रही है। इधर, कार्रवाई के बीच गृह मंत्रालय में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग हुई। मीटिंग में NSA अजीत डोभाल, गृह सचिव अजय भल्ला और NIA के महानिदेशक भी मौजूद रहे।
NIA का साथ दे रहीं ये जांच एजेंसियां :
PFI के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अलावा देश की और भी एजेंसियां शामिल हैं। इस कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) और स्पेशल टॉस्क फोर्स (STF) भी शामिल है।
ऑपरेशन PFI में शामिल हैं 1000 से ज्यादा जवान :
NIA के ऑपरेशन में 1000 से ज्यादा जवान शामिल हैं। इस छापेमारी अभियान में 4 आईजी, 1 एडीजी, 16 एसपी समेत 200 एनआईए के जवान शामिल हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस और सीएपीएफ के जवानों की संख्या 1000 है। इस ऑपरेशन की निगरानी के लिए 6 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इसका कमांड कंट्रोल सेंटर गृह मंत्रालय में बनाया गया है।
अब तक 106 PFI कार्यकर्ता गिरफ्तार :
एनआईए की कार्रवाई में अब तक देशभर से 106 पीएफआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई अब भी जारी है। सबसे ज्यादा 22 लोगों को केरल से गिरफ्तार किया गया है। वहीं महाराष्ट्र और कर्नाटक से 20-20, तमिलनाडु से 10, असम से 9, उत्तर प्रदेश से 8, आंध्र प्रदेश से 5, मध्य प्रदेश से 4, पुडुचेरी और दिल्ली से 3-3 और राजस्थान से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इतना ही नहीं, एनआईए ने PFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओएमएस सलाम और दिल्ली के अध्यक्ष परवेज अहमद को भी गिरफ्तार किया है।
क्यों मारा गया PFI के ठिकानों पर छापा?
PFI पर लंबे समय से आतंकी गतिविधियां संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं। इनमें टेरर फंडिंग, आतंकी ट्रेनिंग कैम्प चलाना, चंदे की रकम से आतंकी मॉड्यूल तैयार करना, बाहर से हुई फंडिंग से भारत के खिलाफ प्रचार करना, स्कूल, कॉलेज और मदरसों से नए लड़कों की भर्ती करना, मुस्लिम बहुल इलाकों में लड़कों का ब्रेनवॉश करना, मार्शल आर्ट के जरिए नए लड़कों को आतंक की ट्रेनिंग, कुंगफू और कराटे सिखाकर आतंकियों को तैयार करना, कश्मीर मॉडल के तहत लड़कों को पत्थर चलाने की ट्रेनिंग देना जैसे काम शामिल हैं।




