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नई  दिल्ली, 21जनवरी 2021

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर देश की दूसरी सबसे बड़ी सूफी मजार टालटोला स्थित फुरफुरा शरीफ दरगाह के प्रमुख पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने गुरुवार को अपनी राजनीतिक पार्टी ‘भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा’ (ISF) का ऐलान किया। मालूम हो कि एक समय में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के करीबियों से एक माने जाने वाले सिद्दीकी ने बुधवार को कहा था कि वह 21 जनवरी को एक अलग राजनीतिक दल की घोषणा करेंगे। सिद्दीकी ने बुधवार को कहा था कि उनकी पार्टी 60-80 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि वह खुद इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे।

आपको बता दें कि फुरफुरा शरीफ दरगाह ने ममता बनर्जी को राज्य की सत्ता तक पहुंचाने और सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं अगर पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की बात करें तो पश्चिम बंगाल के मुस्लिमों के बीच इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। मुस्लिम बहुल सीटों पर इनकी अच्छी खासी पकड़ है। बता दें कि बीते कुछ समय से ममता और सिद्दीकी के रिश्तों में खटास साफ तौर पर दिखाई दे रही है और इस बार के चुनावों में सिद्दीकी ममता का खुलकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर मुसलमानों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

बंगाल में भाईजान के नाम से मशहूर सिद्दीकी ने ममता बनर्जी पर अल्पसंख्यों और दलितों के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया था। पीरजादा अब्बास सिद्दीकी का पूरे दक्षिण बंगाल के इलाके में काफी प्रभाव माना जाता है।

बंगाल में भाईजान के नाम से मशहूर सिद्दीकी ने ममता बनर्जी पर अल्पसंख्यों और दलितों के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया था। पीरजादा अब्बास सिद्दीकी का पूरे दक्षिण बंगाल के इलाके में काफी प्रभाव माना जाता है।

उन्होंने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन कर इन चुनावों में उतरने का ऐलान किया है। निश्चित तौर पर सिद्दीकी का यह निर्णय टीएमसी के लिए बड़ी मुसीबत का कारण बन सकता है, पूरा का पूरा मुस्लिम वोट टीएमसी को छोड़ सिद्दीकी की ओर जा सकता है ।