Pax Silica: क्या है पैक्स सिलिका, जिसका अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने किया ऐलान? भारत को मिला फुल मेंबरशिप का न्योता

Pax Silica: भारत–अमेरिका रिश्ते अब टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सहयोग के एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहे हैं। अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत Sergio Gor ने दिल्ली में अपनी पहली स्पीच में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाले Pax Silica में पूर्ण सदस्य (Full Membership) के तौर पर शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा।

राजदूत गोर के मुताबिक, इस पहल के जरिए भारत और अमेरिका सेमीकंडक्टर मिशन, AI और ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन पर निर्भरता का विकल्प तैयार करेंगे।

‘दो लोकतंत्रों का साथ आना सम्मान की बात’

अपने संबोधन में गोर ने कहा कि दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र और सबसे बड़े लोकतंत्र का एक मंच पर आना गर्व की बात है। उन्होंने Narendra Modi और Donald Trump के रिश्तों का जिक्र करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत भरोसे पर जोर दिया।

क्या है पैक्स सिलिका?

पैक्स सिलिका अमेरिका की अगुवाई में शुरू की गई एक नई रणनीतिक पहल है। इसका उद्देश्य—

  • सेमीकंडक्टर और AI की सुरक्षित सप्लाई चेन बनाना

  • जरूरी मिनरल्स, एनर्जी इनपुट, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करना

  • टेक्नोलॉजी सेक्टर में चीन के एकाधिकार को संतुलित करना

‘Pax Silica’ नाम Pax Romana (रोमन शांति) और Pax Sinica (चीनी शांति) से प्रेरित है, जहां ‘Silica’ आधुनिक टेक्नोलॉजी—खासतौर पर सिलिकॉन चिप्स—का प्रतीक है। पिछले महीने इसमें जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजरायल शामिल हो चुके हैं।

भारत को क्यों अहम माना जा रहा है?

राजदूत गोर ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया नई टेक्नोलॉजी अपना रही है, भारत और अमेरिका का शुरुआत से साथ काम करना जरूरी है। भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और टेक टैलेंट इस गठबंधन को मजबूती देगा।

ट्रेड डील पर क्या बोले गोर?

भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और इसे अंतिम चरण तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है। भारत जैसे बड़े देश के साथ समझौता आसान नहीं, लेकिन दोनों पक्ष इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

ट्रंप–मोदी रिश्तों पर टिप्पणी

सर्जियो गोर ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कई अंतरराष्ट्रीय यात्राएं की हैं और भरोसे के साथ कह सकते हैं कि ट्रंप और मोदी की दोस्ती वास्तविक है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले एक–दो साल में राष्ट्रपति ट्रंप भारत दौरे पर आ सकते हैं।

कुल मिलाकर, Pax Silica में भारत की संभावित एंट्री भारत–अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को टेक्नोलॉजी और ग्लोबल सप्लाई चेन के मोर्चे पर नई ऊंचाई दे सकती है।

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