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पटना के रसूखदार कारोबारी की हत्या: गोपाल खेमका कौन थे, क्यों बनते जा रहे थे निशाना?

पटना के रसूखदार कारोबारी की हत्या: गोपाल खेमका कौन थे, क्यों बनते जा रहे थे निशाना?

Bihar Desk:राजधानी में शुक्रवार देर रात हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने न सिर्फ खेमका परिवार को फिर एक गहरा जख्म दिया, बल्कि पूरे बिहार के कारोबारी समाज में डर का माहौल पैदा कर दिया है। गोपाल खेमका, जिनकी पहचान एक डॉक्टर, उद्यमी और कभी भाजपा नेता के तौर पर थी, गांधी मैदान के पास अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई।

हमलावरों ने रामगुलाम चौक स्थित उनके अपार्टमेंट के बाहर घात लगाकर उनके सिर में सटाकर गोली मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह पहली बार नहीं है जब खेमका परिवार को निशाना बनाया गया हो — साल 2018 में उनके बड़े बेटे गुंजन खेमका की भी इसी तरह हत्या कर दी गई थी।

कौन थे गोपाल खेमका?

गोपाल खेमका का सफर बेहद प्रेरक रहा है। वे मूल रूप से एक एमबीबीएस डॉक्टर थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में कदम रखा और पटना के राजेंद्र नगर में ‘मगध हॉस्पिटल’ की स्थापना की। यहां से उनके कारोबारी जीवन की शुरुआत हुई।

धीरे-धीरे उन्होंने रियल एस्टेट, ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में व्यवसाय का विस्तार किया। उनकी हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में कार्टन फैक्ट्री थी, जिसकी जिम्मेदारी उनके बड़े बेटे गुंजन खेमका संभालते थे।

राजनीति से जुड़ाव और दूरी

गोपाल खेमका न सिर्फ कारोबारी थे, बल्कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सक्रिय नेता भी रहे। वे बांकीपुर क्लब के सदस्य और सचिव भी रह चुके थे।
लेकिन बेटे की हत्या के बाद उन्होंने न सिर्फ राजनीति से दूरी बना ली, बल्कि कई कारोबार भी बेच दिए और खुद को सीमित कर लिया।

क्यों बनते जा रहे थे निशाना?

खेमका परिवार पिछले कई वर्षों से सुरक्षा संकट से जूझ रहा था। 2018 में बड़े बेटे गुंजन की हत्या, फिर छोटे बेटे पर भी हमले की कोशिश (सूत्रों के मुताबिक वे बाल-बाल बचे), और अब खुद गोपाल खेमका की हत्या —
इन घटनाओं से यह साफ है कि परिवार लगातार किसी टारगेट पर था। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिखे, जिसका खामियाजा अब खेमका परिवार को दोहरी क्षति के रूप में उठाना पड़ा।

कारोबारी वर्ग में डर और गुस्सा

इस वारदात के बाद से पटना के कारोबारी और व्यापारी वर्ग में जबरदस्त दहशत का माहौल है। एक प्रतिष्ठित, हाई-प्रोफाइल और सुरक्षा की मांग करने वाला व्यक्ति अगर अपने ही घर के पास मारा जा सकता है, तो आम व्यापारी कैसे सुरक्षित रहेगा?

सीसीटीवी में कैद हुई हत्या की वारदात

मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि गोपाल खेमका अपनी गाड़ी से अपार्टमेंट के बाहर पहुंचते हैं और हॉर्न बजाकर दरवाज़ा खुलवाते हैं। इसी दौरान एक बाइक सवार हमलावर आता है, और बेहद नजदीक से सिर में गोली मारता है। गोली लगते ही खेमका वहीं गिर जाते हैं और हमलावर बाइक से फरार हो जाता है। वीडियो सामने आते ही पटना में सनसनी फैल गई है।

जांच के लिए एसआईटी गठित

बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआईटी (Special Investigation Team) गठित कर दी है। सेंट्रल एसपी दीक्षा को जांच की कमान सौंपी गई है। टीम सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी है।

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