गिरफ्तारी के बाद पहली बार पार्थ चटर्जी ने किया बड़ा खुलासा, जानिए अपने अरेस्ट पर किसकी साजिश बता रहे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले (School Teachers recruitment Scam) के आरोपी बर्खास्त मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chaterjee) ने बड़ा बयान दिया है। 3 अगस्त तक ईडी (ED) की हिरासत में भेजे गए टीएमसी नेता ने शुक्रवार को कहा कि वह साजिश का शिकार हुए हैं जिसे उनके खिलाफ रची गई है। एक दिन पहले ही पार्थ चटर्जी को टीएमसी के भी सभी पदों से मुक्त कर दिया गया था। दरअसल, पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) के यहां ईडी रेड और भारी मात्रा में मिली नकदी के बाद टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी ने साफ तौर पर यह संदेश दिया कि अगर पार्थ दोषी हो तो उन पर कार्रवाई हो और वह मामले में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं करेंगी।

शुक्रवार को पार्थ चटर्जी को मेडिकल चेकअप के लिए ईएसआई अस्पताल लाया गया। 69 वर्षीय पूर्व मंत्री को हाईकोर्ट ने जेल भेजने के साथ ही हर 48 घंटे में फुल चेकअप का आदेश दिया है।

वक्त तय करेगा कि उन पर कार्रवाई सही थी या नहीं

शहर के दक्षिणी बाहरी इलाके जोका में ईएसआई अस्पताल में जैसे ही वह एक वाहन से उतरे और पत्रकारों ने उनसे संपर्क किया, चटर्जी ने कहा कि वह सिर्फ एक साजिश का शिकार हुए हैं। बाद में, अस्पताल से बाहर निकलने पर, चटर्जी ने यह भी कहा कि केवल समय ही बताएगा कि टीएमसी द्वारा उनके खिलाफ की गई कार्रवाई उचित थी या नहीं।

मंत्री पद से बर्खास्त करने के बाद संगठन का पद भी छीना

पार्थ चटर्जी, दो दिन पहले तक पश्चिम बंगाल में उद्योग मंत्री थे। शिक्षक भर्ती घोटाले के दौरान वह प्रदेश के शिक्षा मंत्री रहे। ईडी रेड और फिर गिरफ्तारी के बाद उनको मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है। उन्हें विभिन्न विभागों के प्रभारी मंत्री के रूप में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया और गुरुवार को टीएमसी से निलंबित कर दिया गया।

ईडी 50 करोड़ से अधिक रुपये नकद अर्पिता के यहां से बरामद कर चुकी

पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के चार आवासों पर ईडी रेड कर चुकी है। दो आवासों पर से ईडी को भारी मात्रा में नकदी और सोने के जेवरात मिले हैं। इस रेड के बाद ईडी ने अर्पिता मुखर्जी को भी अरेस्ट कर लिया है। अर्पिता भी 3 अगस्त तक रिमांड पर हैं। ईडी के सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल एजेंसी के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में चटर्जी और मुखर्जी दोनों से पूछताछ की जा रही है।

ईडी रिमांड पर भेजे गए मंत्री पार्थ चटर्जी व सहयोगी अर्पिता मुखर्जी

पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को 3 अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है। इन दोनों को शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में 23 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले आज सोमवार को पार्थ चटर्जी को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए शहर के एसएसकेएम अस्पताल से कोलकाता हवाई अड्डे पर ले जाया गया। भुवनेश्वर एम्स में उनकी जांच कराई गई। एम्स ने कहा कि मंत्री को पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, लेकिन उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है। 

शनिवार को अरेस्ट किया गया था मंत्री को

बंगाल के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को शनिवार को स्कूल नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जब वह शिक्षा मंत्री थे तब उन पर सरकारी स्कूलों में स्कूली शिक्षकों और कर्मचारियों की कथित रूप से अवैध नियुक्तियों में भूमिका का आरोप लगा है। ईडी ने 22 जुलाई को सरकारी प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती घोटाले में शामिल धन के लेन-देन की जांच के तहत बंगाल में विभिन्न स्थानों पर छापे मारे थे। मंत्री की करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकाने से ईडी ने 20 करोड़ से अधिक रुपये बरामद किए थे। इसके अलावा उनके घर से 20 मोबाइल फोन और 50 लाख रुपए की ज्वैलरी भी बरामद हुई है।

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