नई दिल्ली, परीक्षा का डर हर छात्र को सताता है, लेकिन इसे दूर करने के लिए आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने छात्रों को खास मंत्र दिया है। हाल ही में प्रसारित “मिरेकल ऑफ माइंड” एपिसोड में सद्गुरु ने मेंटल और फिजिकल हेल्थ को बनाए रखने के टिप्स दिए और बताया कि कैसे मेडिटेशन से परीक्षा का तनाव कम किया जा सकता है।
“अपने दिमाग की ऑयलिंग करें” – सद्गुरु
सद्गुरु ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “अगर आपको तनाव है, तो इसका मतलब है कि आपके दिमाग को ऑयल नहीं मिल रहा है।” उन्होंने बताया कि परीक्षा का डर छात्रों को मानसिक रूप से कमजोर कर देता है। इससे बचने के लिए मेडिटेशन सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यह दिमाग को शांत और नियंत्रित रखने में मदद करता है।
“परीक्षा शिक्षा नहीं, बल्कि जीवन में उतरने का जरिया”
सद्गुरु ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि परीक्षा के दिनों में डायरिया की दवाइयों की बिक्री बढ़ जाती थी। उन्होंने इसे डर और मानसिक तनाव का नतीजा बताया। उन्होंने छात्रों को समझाया कि शिक्षा सिर्फ परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में आगे बढ़ने का माध्यम है।
“दिमाग और शरीर को स्वस्थ रखें”
सद्गुरु ने कहा, “आपका दिमाग बिना आपकी इजाजत कहीं भी दौड़ता रहता है। इसे नियंत्रण में रखना जरूरी है, वरना यह वह काम करेगा जो आप नहीं चाहते।” उन्होंने छात्रों को अपने शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए मेडिटेशन करने की सलाह दी।
परीक्षा पे चर्चा में कई दिग्गज शामिल
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं और छात्रों को परीक्षा के तनाव से दूर रहने के टिप्स दे चुके हैं। इस कार्यक्रम में कई अन्य विशेषज्ञ जैसे एक्टर, टेक उद्यमी और हेल्थ एक्सपर्ट्स भी छात्रों को परीक्षा के दौरान मानसिक और शारीरिक सेहत का ध्यान रखने की सलाह दे चुके हैं।
छात्रों के लिए जरूरी संदेश
सद्गुरु ने छात्रों को परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, अपनी बुद्धिमता को सक्रिय रखने और शिक्षा को जीवन की यात्रा का हिस्सा समझने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर छात्र अपनी क्षमताओं को पहचानें और लगातार सीखते रहें, तो परीक्षा का डर अपने आप खत्म हो जाएगा।




