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Pariksha Pe Charcha 2025: एग्जाम हॉल में टाइम मैनेजमेंट पर पीएम मोदी की अहम सलाह, विफलता को शिक्षक बनाएं

Pariksha Pe Charcha 2025: एग्जाम हॉल में टाइम मैनेजमेंट पर पीएम मोदी की अहम सलाह, विफलता को शिक्षक बनाएं

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Pariksha Pe Charcha 2025 के दौरान परीक्षा हॉल में टाइम मैनेजमेंट को लेकर छात्रों के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पुराने प्रश्न पत्रों और सैंपल पेपर्स की अधिक से अधिक प्रैक्टिस करना बहुत जरूरी है। इससे छात्रों को प्रश्नों की प्रकृति को समझने में मदद मिलेगी और वे समय का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।

टाइम मैनेजमेंट: कैसे करें एग्जाम हॉल में बेहतर प्रदर्शन?
पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि परीक्षा में पहले वे प्रश्न हल करें, जिनका उत्तर जल्दी और आसानी से दिया जा सकता है। जिन सवालों में अधिक समय लग सकता है या जिनका कॉन्सेप्ट स्पष्ट नहीं है, उन्हें बाद में हल करें। कई बार छात्र आसान प्रश्नों के लंबे उत्तर लिख देते हैं, जबकि महत्वपूर्ण प्रश्नों पर ध्यान नहीं दे पाते। इससे बचने के लिए अभ्यास जरूरी है।

टाइम टेबल की अहमियत
पीएम मोदी ने समय प्रबंधन को लेकर कहा कि हर किसी के पास 24 घंटे होते हैं। कोई इस समय का सही उपयोग करता है, तो कोई इसे फोन और सोशल मीडिया में व्यर्थ कर देता है। उन्होंने छात्रों को रोज़ाना का टाइम टेबल बनाने और अगले दिन उसकी समीक्षा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्र अक्सर अपने प्रिय विषय को ज्यादा समय देते हैं और बाकी विषयों को नज़रअंदाज करते हैं। इससे बचने के लिए सभी विषयों को बराबर समय देना चाहिए।

टेक्नोलॉजी का सही उपयोग करें
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि वे टेक्नोलॉजी को अपनी ताकत बनाएं। उन्होंने समझाया कि टेक्नोलॉजी एक मजबूत साधन हो सकता है, लेकिन इसका गलत उपयोग समय की बर्बादी कर सकता है। छात्रों को रील्स देखने में समय न गंवाने और टेक्नोलॉजी को सीखने तथा सही दिशा में उपयोग करने की सलाह दी।

विफलता को शिक्षक बनाएं
एक छात्र के सवाल पर कि क्या विफलताओं से सीखना संभव है, पीएम मोदी ने कहा कि हर असफलता हमें कुछ सिखाती है। उन्होंने कहा कि जीवन केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है। कई दिव्यांगजन विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता हासिल करते हैं क्योंकि उनमें कुछ विशेषताएँ होती हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर कोई पढ़ाई में अच्छा हो, कुछ खेल में, संगीत में या अन्य हुनर में भी श्रेष्ठ हो सकते हैं। इसलिए असफलता को शिक्षक मानकर अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।

दोस्त को असफलता से बाहर कैसे निकालें?
जब एक छात्र ने पूछा कि अगर कोई दोस्त बार-बार असफल हो रहा है तो उसे कैसे प्रेरित करें, तो पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि उसकी अच्छी आदतों और प्रतिभाओं पर ध्यान दें। अगर वह गाना अच्छा गाता है, अच्छे कपड़े पहनता है या किसी और चीज़ में माहिर है, तो उसकी सराहना करें। इससे वह प्रेरित महसूस करेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

इसके बाद उससे धीरे-धीरे पढ़ाई पर चर्चा करें और साथ मिलकर पढ़ने का सुझाव दें। इससे वह अपनी असफलता से बाहर निकलने और बेहतर करने के लिए प्रेरित होगा।

पीएम मोदी की परीक्षा पर चर्चा ने छात्रों को टाइम मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी के सही उपयोग, असफलताओं से सीखने और दोस्तों को प्रेरित करने जैसी कई महत्वपूर्ण बातें सिखाईं। उन्होंने छात्रों को समय का सही उपयोग करने, अपने कमजोर विषयों पर भी ध्यान देने और हर परिस्थिति से कुछ नया सीखने की प्रेरणा दी।

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