“अब अपनी भाषा में जानिए अयोध्या का इतिहास, वो भी बिल्कुल फ्री!” 25 जगहों पर होंगे डेस्क, हर भाषा में मिलेगी जानकारी

अयोध्या में राम भक्तों के लिए एक और बड़ी सौगात सामने आई है। अब श्रद्धालुओं को अयोध्या की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत की संपूर्ण जानकारी अपनी भाषा में, बिल्कुल मुफ्त में मिलेगी। अयोध्या नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए “आई हेल्प यू” डेस्क की शुरुआत की है, जो अयोध्या धाम में कुल 25 प्रमुख स्थानों पर स्थापित किए गए हैं। इन डेस्कों पर आने वाले भक्तों को एक ही स्थान पर हर प्रकार की जानकारी दी जाएगी, वह भी उनकी मातृभाषा में।

भक्तों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्था

राम मंदिर में दर्शन के लिए देश और दुनिया से लाखों श्रद्धालु रोजाना अयोध्या पहुंच रहे हैं। ऐसे में भाषा की समस्या श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी चुनौती बनती थी। इसी जरूरत को समझते हुए नगर निगम ने ये पहल की है, जिससे हर भक्त को अयोध्या की परंपरा, मंदिरों, मठों, ऐतिहासिक धरोहरों और स्थानीय संस्कृति की जानकारी सहजता से मिल सके।

अयोध्या नगर निगम के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि “हमारा उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु को अयोध्या की महिमा का अनुभव हो और वह यहां से संतुष्ट होकर जाए। इसलिए ‘आई हेल्प यू’ डेस्क पर न केवल जानकारी दी जाएगी, बल्कि मूलभूत सुविधाएं जैसे डॉक्टर, गाइड और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।”

25 जगहों पर होंगे डेस्क, हर भाषा में मिलेगी जानकारी

ये हेल्प डेस्क राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, सरयू घाट जैसे प्रमुख स्थलों के साथ अन्य धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों पर स्थापित किए गए हैं। यहां पर प्रशिक्षित कर्मचारी भक्तों से उनकी भाषा में संवाद करेंगे और उन्हें पर्चे, नक्शे, गाइडबुक्स व ऑडियो जानकारी भी उपलब्ध कराएंगे।

हर डेस्क पर हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली, गुजराती जैसी प्रमुख भाषाओं में जानकारी देने वाले वॉलंटियर्स मौजूद रहेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि देश-विदेश से आने वाला हर भक्त बिना किसी परेशानी के अयोध्या को समझ सके और रामलला के दर्शन का लाभ उठा सके।

अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में कदम

राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल बन चुका है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। ऐसे में यह योजना ना केवल दर्शनार्थियों को सुविधा देगी, बल्कि अयोध्या की पहचान और उसके ऐतिहासिक महत्व को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगी।

आई हेल्प यू डेस्क के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि श्रद्धालु अयोध्या में केवल दर्शन तक ही सीमित न रहें, बल्कि अयोध्या की परंपरा, संस्कृति, पौराणिकता और आध्यात्मिकता को भी आत्मसात करें।

भविष्य की योजनाएं भी तैयार

महापौर त्रिपाठी ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इन डेस्कों को और उन्नत बनाया जाएगा। डिजिटल स्क्रीन, QR कोड स्कैनिंग से ऑडियो गाइड्स, और मोबाइल ऐप जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी, ताकि भक्त अपने मोबाइल पर भी आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।

अयोध्या अब न केवल रामलला के भव्य दर्शन का केंद्र है, बल्कि एक ऐसा स्थल बन रहा है जहां श्रद्धा और तकनीक का संगम हो रहा है। अगर आप अयोध्या आने की योजना बना रहे हैं, तो अब निश्चिंत हो जाइए—आपको हर जानकारी अब आपकी अपनी भाषा में, पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मिलेगी, वो भी बिल्कुल मुफ्त।

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