नई दिल्ली, पीटीआइ। देश के बैंकों से हजारों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर के विदेश भागने वाले हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi), मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) और शराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) जैसे डिफाल्टरों से 13,109.17 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने लोकसभा में सोमवार को बताया कि इन डिफाल्टरों की संपंतियों को बेचकर बैंकों ने यह रकम वसूल की है। वित्त मंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा द्वारा अनुमोदित अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही।
समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सात वित्त वर्षों में सरकारी बैंकों ने फंसे कर्ज (एनपीए) में से 5.49 लाख करोड़ रुपये की वसूली कर ली है। इसकी मुख्य वजह यह है कि सरकार ने एनपीए घटाने तथा वसूली बढ़ाने के प्रभावी तरीके अपनाने संबंधी कई कदम उठाए हैं। लोकसभा में वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। हालांकि उन्होंने बताया कि एनपीए वसूली दर के बारे में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) द्वारा दी जानकारी के अनुसार बैंकिंग उद्योग में एनपीए वसूली दर की कोई औपचारिक निर्धारित परिभाषा नहीं गढ़ी गई है।
कराड ने कहा कि एनपीए घटाने के लिए सरकार ने प्रभावी उपाय किए हैं। इसी का नतीजा है कि पिछले सात वित्त वर्षों में सरकारी बैंकों ने एनपीए मद के 5,49,327 करोड़ रुपये वसूले हैं। वैसे, आरबीआइ ने यह जरूर बताया है कि वित्त वर्ष 2019-20 के अंत में सरकारी बैंकों के कुल एनपीए के मुकाबले रिकवरी की दर 14.69 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2018-19 में 13.52 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2017-18 में 11.33 प्रतिशत रही थी।
पैन कार्ड से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि कुछ मामलों में लोगों को एक से अधिक पैन कार्ड जारी किए गए हैं लेकिन इनमें से सभी डुप्लीकेट पैन कार्ड अमान्य कर दिए गए हैं। अब तक ऐसे 12,12,527 पैन कार्ड को अमान्य कर दिया गया था। हालांकि इनमें वे कार्ड शामिल नहीं हैं जिन्हें बाद में फिर से सक्रिय कराया गया है।




