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उत्तरकाशी, 9 सितम्बर 2021

आपने ट्रेनों के टॉयलेट में या ऐतिहासिक स्थलों पर प्रेमी-प्रेमिकाओं या उपद्रवी तत्वों की हरकतें देखी होंगी, जो दीवारों पर अपने नाम लिखकर उसे गंदा करते हैं. पहाड़ पर रमणीक जगहों के लिए मशहूर उत्तराखंड में भी कुछ ऐसी ही हरकत देखने को मिली है. यहां उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी में लकड़ी के बने खूबसूरत स्काई वॉक पर कुछ हुड़दंगी सैलानियों ने अपने नाम के साथ-साथ तमाम तरह के मैसेज लिखकर इसे गंदा कर दिया है. गरतांग गली के नाम से मशहूर पहाड़ पर वर्षों पहले लकड़ी की सीढ़ियां बनाई गई थीं, जिसे स्काई वॉक के नाम से जाना जाता है. देवदार की लकड़ी से बने इस स्काई वॉक पर कुछ हुड़दंगी सैलानियों ने कालिख पोतकर गंदगी के निशान छोड़ दिए हैं. पुलिस ने इसको लेकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

नेलांग वैली में गरतांग गली के नाम से खड़े पहाड़ पर जाने वाला यह रास्ता भारत-चीन को जोड़ता है. 1962 की लड़ाई से पहले यहां के स्थानीय लोग इस रास्ते से तिब्बत जाते थे. दुर्गम होने की वजह से वर्षों तक यह रास्ता आम लोगों या पर्यटकों के लिए बंद था, जिसे कुछ वर्ष पहले ही खोला गया है. सरकार ने देवदार की लकड़ी की सीढ़ियां बनाकर करीब 65 लाख रुपए की लागत से इसका जीर्णोद्धार कराया, ताकि यह खूबसूरत जगह उत्तराखंड में नामी पर्यटक स्थलों की शोहरत पा सके. इसके बाद यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आने लगे. लेकिन कुछ हुड़दंगी सैलानी इसकी खूबसूरती खराब कर अपनी गंदगी के निशान यहां छोड़ गए.

आपको बता दें कि उत्तरकाशी के गंगोत्री इलाके में भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक रिश्तों की गवाह रही गरतांग गली में लकड़ी की रेलिंग की भव्यता को खराब करने को लेकर अब प्रशासन सतर्क हो गया है. वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद सिंह की तहरीर पर गंगोत्री थाने में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा 427 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग ने कहा कि गंगोत्री नेशनल पार्क के फॉरेस्ट अधिकारी की शिकायत के बाद पुलिस को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं. यहां आने वाले पर्यटक इस स्थान की खूबसूरती के साथ छेड़छाड़ न करें, इसका ध्यान रखने को कहा गया है.