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लखनऊ,  20 नवंबर 2021

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि आन्दोलित किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी हो। इसके अलावा एमएसपी पर नया कानून बनाने की मांग भी उठाई है। मायावती ने शनिवार को ट्वीटर के माध्यम से कहा कि देश में तीव्र आन्दोलन के बाद तीन विवादित कृषि कानूनों की वापसी की केन्द्र सरकार की घोषणा का देर आए दुरुस्त आए यह कहकर स्वागत किया गया, किन्तु इसे चुनावी स्वार्थ व मजबूरी का फैसला बताकर भाजपा सरकार की नीयत पर भी शक किया जा रहा है। अत: इस बारे में कुछ और ठोस फैसले जरूरी है। कहा कि इसके लिए किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नया कानून बनाना तथा देश की आन, बान व शान से जुड़े अति गम्भीर मामलों को छोड़कर आन्दोलित किसानों पर दर्ज बाकी सभी मुकदमों की वापसी आदि करना भी केन्द्र सुनिश्चित करे तो यह उचित होगा।

उन्होंने कहा कि वैसे पूर्व में देश ने खासकर कांग्रेस पार्टी की इन्दिरा गांधी की रही सरकार के अहंकार एवं तानाशाही वाले रवैये आदि को काफी झेला है, किन्तु अब पूर्व की तरह वैसी स्थिति देश में दोबारा उत्पन्न नहीं हो, ऐसी देश को आशा है।

इससे पहले मायावती ने कहा कि काफी लंबे समय से अर्थात लगभग एक वर्ष से सर्दी, गर्मी व बरसात आदि की मार झेलते हुए अपने आंदोलन पर डटे रहने वाले और उनमें से कुछ किसानों के शहीद हो जाने का बलिदान अंत में रंग लाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने उन विवादित कानूनों को वापस लेने की घोषणा अति देर से की जबकि उनको यह फैसला बहुत पहले ले लेना चाहिए था। केन्द्र सरकार यदि ये फैसला काफी पहले ले लेती तो यह देश अनेकों प्रकार के झगड़ों व झंझट आदि से बच जाता।

बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि अभी भी किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य देने संबंधी इनकी राष्ट्रीय कानून बनाने की खास मांग भी अधूरी पड़ी है। मायावती ने कहा कि जिसके लिए बीएसपी की मांग है कि केन्द्र सरकार आने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में इस संबंध में कानून बनाकर किसानों की इस मांग को भी जरूर स्वीकार करें। इतना ही नहीं बल्कि बीएसपी की शुरू से यह मांग रही है कि खासकर खेती किसानी व किसानों के मामले में कोई भी नया कानून बनाने से पहले उनसे सलाह व परामर्श आदि जरूर करना चाहिए। जिससे किसी भी गैर जरूरी विवाद से देश को व राज्यों को बचाया जा सके।