NCP-शिवसेना नेताओं पर ED के एक्शन के बीच मोदी से मिले पवार, राउत के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाया

नई दिल्ली, एनसीपी और शिवसेना नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों के ऐक्शन के बीच एनसीपी चीफ शरद पवार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुधवार (छह अप्रैल, 2022) को मुलाकात हुई। यह बैठक संसद भवन स्थित पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) में हुई। बताया गया कि दोनों दिग्गजों के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत चली। पवार ने संजय राउत की संपत्तियों को अटैच करने का मामला उठाया।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद शरद पावर ने कहा, “मैंने ईडी द्वारा शिवसेना के संजय राउत की संपत्तियों को अटैच करने के मामले में पीएम के संज्ञान में लाया। अगर सरकार के खिलाफ बोलने के कारण कोई केंद्रीय एजेंसी इस तरह का कदम उठाती है, तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।”

वैसे, यह भेंट ऐसे वक्त पर हुई, जब महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार के नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियां तेजी से जांच-पड़ताल में जुटी हैं। रोचक बात है कि इस बैठक से कुछ घंटे पहले महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को सीबीआई हिरासत में लिया गया।

सीबीआई के दस्ते ने उन्हें मध्य मुंबई के आर्थर रोड जेल से हिरासत में लिया। साथ ही मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के सिलसिले में गिरफ्तार किया।

इससे एक दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ जमीन से संबंधित सौदों की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में शिवसेना नेता संजय राउत की पत्नी और उनके दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली थी।

राउत ने कहा है- महाराष्ट्र जैसे राज्य जो भाजपा शासित राज्य नहीं है। वहां पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। वह लोकतंत्र और हमारी आज़ादी को खतरे में लाना वाला है। यह ठीक नहीं है।

बकौल शिवसेना नेता, “दिल्ली से लोग आते हैं। हमारे लोगों के घरों में घुस जाते हैं। न नोटिस, न वारंट, न कोई समन। ठीक है, देख लेंगे। वक़्त बदल जाएगा और हमारा भी वक़्त आएगा।”

इस बीच, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री छगन भुजबल बोले कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का आप दुरुपयोग कर रहे हैं। जो बीजेपी के ख़िलाफ़ बात करेंगे उन्हें तकलीफ़ में डालने की बात आप कर रहे हैं। उनके ख़िलाफ़ ED का मामला दर्ज़ करो। फिर जेल में डालो।

उधर, अजित पवार बोले कि इस मीटिंग का ज्यादा कुछ मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा- मुझे मीटिंग की कोई खबर नहीं है…मैं तभी कुछ कह सकता हूं, जब मुझे सूचना मिलेगी। पर पीएम और एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता विकास के मुद्दों पर बात करने के लिए मिल सकते हैं। ऐसे ढेर सारे मसले हैं, जिन पर चर्चा की जरूरत है…हो सकता है कि उन पर बात हुई हो। दोनों बड़े नेता है। मुझे नहीं मालूम कि उन्होंने क्या बात की।

वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि ऐसी कार्रवाई होने के बाद वे (संजय राउत) ऐसे आरोप लगाते रहते हैं। लेकिन, जब ईडी तथ्यों और सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई करती है तो ईडी को कोसा जाता है। यह एक प्रकार से इनकी राणनीति है। मुझे लगता है उन्हें साफ तरीके से आना चाहिए।

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