कुमार विश्वास का अरविंद केजरीवाल की तारीफ वाला पुराना पोस्ट वायरलः यूजर ने दिलाया ध्यान तो बोले- हमने तो नजरिया समझा, पर उसने सबको जरिया

कभी दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के करीबी रहे कवि कुमार विश्वास अब अक्सर उनपर ट्वीट के जरिए तंज कसते नजर आते हैं। 31 मई को जब दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को ईडी ने गिरफ्तारी किया तो उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा कि यह केस जब पहली बार आया था तो मैंने भरी PAC में सत्येंद्र जैन से जवाब मांगा था। लेकिन उस वक्त मुझसे कहा गया कि सब ठीक है।

वहीं अब कुमार विश्वास ने केजरीवाल का नाम लिये बिना एक शायरी के जरिए कहा है कि उसको हमने एक नज़रिया समझा था लेकिन उसने हमें सिर्फ जरिया समझा। दरअसल एक यूजर ने कुमार विश्वास द्वारा एक अगस्त 2012 को किए पुराने फेसबुक पोस्ट को शेयर किया। इस पोस्ट में कुमार विश्वास ने केजरीवाल की तारीफ की थी।

गौरतलब है कि यह पोस्ट उस दौरान का है जब जनलोकपाल के मुद्दे पर दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना की टीम में शामिल अरविंद केजरीवाल अनशन कर रहे थे। इस दौरान 1 अगस्त 2012 को एक पोस्ट में कवि कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल की तारीफ की थी।

क्या लिखा था कुमार विश्वास ने: 3 जून 2022 को शेयर हुई 2012 की पोस्ट में कुमार विश्वास ने लिखा, “अरविंद की तबियत लगातार खराब हो रही है! भीषण शुगर की बीमारी और भूख का आठंवा दिन! मंच के पास, जिस टीन के नीचे वो पड़ा है उस के तख्त के आस-पास पानी भर गया है ! आश्चर्य होता है कि क्या ये वही आदमी है जो कभी आईआईटी से पढ़कर ज्वाइंट कमिश्नर था इनकम टैक्स विभाग में?”

आगे लिखा है, “ख़बर है कि सरकार उसे आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करके आधी-रात उठाना चाहती है! ये भी शक है कि उसका हश्र भी जयप्रकाश नारायण वाले “सरकारी-इलाज़” फॉर्मूले से कर दिया जाए! मुश्किल से उठकर उसने मंच पर आकर कहा कि “सरकार समझ ले कि मैं बलिदान देने आया हूं, आत्महत्या करने नहीं !”

कुमार विश्वास ने उस वक्त की पोस्ट में आगे लिखाल है, “…पर वो लड़ाई नहीं छोड़ेगा, भारत के सभी “चर्चा-चक्रवर्ती” बुद्धिजीवी, इस निहायत प्रबल बेवकूफी के खिलाफ आमंत्रित हैं….”ढोंग”, “नाटक”, “बी जे पी – संघ का हाथ “, “एन जी ओ का विदेशी एजेंडा ” “प्रसिद्धि पाने का तरीका” आदि फेसबुकी विचार आमंत्रित हैं! ऐसे पागलों को गालियां मिलनी ही चाहिए जो दूसरों के भविष्य के लिए अपनी ज़िन्दगी दांव पर लगाते हों!”

Dr Kumar Vishvas
@DrKumarVishwas
“हमने तो उसको नज़रिया समझा, उसने हम सबको बस ज़रिया समझा..!”??
Vikas Kumar
@vikaskumar86
@DrKumarVishwas जी, आपका ये पोस्ट पता नहीं क्यों और कैसे @facebookapp सुबह-सुबह दिखाया। एक पढ़ने लगा तो भरोसा नहीं हुआ। फिर तारीख़ पर नज़र गई। और सब ध्यान आ गया। देश बदलने का वो आंदोलन और उस आंदोलन के लोग। आप भी पढ़िए। मज़ा आएगा।

उन्होंने आगे लिखा है, “जीवन में कितना सुख है…. मॉल हैं, फेसबुक है, फिल्म है, इश्क है, सैर-सपाटा है, ऑसम मौसम है और ये अजीब बेवकूफ हैं मार जुटे पड़े हैं सब का सुकून ख़राब करने! देशभर में अंधेरा है तो क्या हुआ? सब ठीक हो जायेगा, हो तो रहा है, बस सौ-दो सौ साल ही तो लूट पाएंगे ये सब नेता – वेता ! चूंकि मुझे भी इस बेवकूफी की लाइलाज लत है …. सो उन सब महान चिंतकों की घर से ही प्रेषित गालियां सादर स्वीकार! जय हिंद”!

अभी हाल ही में कवि कुमार विश्वास ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर अपने एक ट्वीट में लिखा था, “यह केस जब पहली बार आया था तो मैंने भरी PAC में सत्येंद्र जैन से जवाब मांगा था। बौने ने उसे सपत्नीक मेरे सामने रोने-धोने के लिए बिठाया। मैंने कहा निजी सम्बन्ध अपनी जगह पर इसका जवाब दो, तो आजकल पंजाब का वसूली प्रमुख बना नया “चिंटू” काग़ज़ फैलाकर बोला “सर मैं CA हूं, कोई गड़बड़ नहीं है।”

 

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