भाजपा प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर को लेकर दिये गये बयान पर मामला गरमाता जा रहा है। जहां 3 जून को कानपुर में नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखा गया तो वहीं शुक्रवार को देश के कई हिस्सों से विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली के जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद नूपुर शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की गई।
टीवी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर नमाजियों ने काफी देर तक पोस्टर-बैनर लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस बीच, दिल्ली पुलिस के अफसर और उन्होंने किसी तरह हालात को काबू करने की कोशिश की गई। समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने वहां से भीड़ को कम करने की कोशिश की।
जामा मस्जिद के शाही इमाम का बयान: बता दें कि जामा मस्जिद परिसर में जुमे की नमाज के लोग जमा हुए और नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं जामा मस्जिद के शाही इमाम का कहना है कि मस्जिद कमेटी की ओर से विरोध का कोई आह्वान नहीं किया गया था। वास्तव में कल जब लोग विरोध करने की योजना बना रहे थे तो हमने उनसे स्पष्ट रूप से कहा था कि जामा मस्जिद (समिति) की तरफ से विरोध का कोई आह्वान नहीं है।
शाही इमाम ने कहा, “हम नहीं जानते कि विरोध करने वाले कौन हैं, मुझे लगता है कि वे AIMIM के हैं या ओवैसी के लोग हैं। हमने स्पष्ट कर दिया कि अगर वे विरोध करना चाहते हैं, तो वे कर सकते हैं, लेकिन हम उनका समर्थन नहीं करेंगे।”
इमाम ने कहा कि हमे नहीं पता कि विरोध करने वाले कौन हैं, मुझे लगता है कि वे एआईएमआईएम के हैं या ओवैसी के लोग हैं। हमने साफ कर दिया कि अगर वे विरोध करना चाहते हैं तो कर सकते हैं, लेकिन हम उनका समर्थन नहीं करेंगे।
इस प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा और भाजपा से निष्कासित नेता नवीन कुमार जिंदल के बयानों के खिलाफ लोगों ने जामा मस्जिद पर विरोध प्रदर्शन किया। हमने वहां से लोगों को हटा दिया है। स्थिति अब नियंत्रण में है।
दिल्ली पुलिस की डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट, श्वेता चौहान ने कहा कि जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए करीब 1500 लोग जमा हुए थे। नमाज के बाद करीब 300 लोग बाहर आए और नूपुर शर्मा और नवीन जिंदला की भड़काऊ टिप्पणी का विरोध करने लगे।




