हल्द्वानी : विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आते ही प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर धुकधुकी शुरू हो चुकी है। सभी प्रमुख दल विधानसभा क्षेत्रों से प्रत्याशी चयन को लेकर दावेदारों की टोह लेने में लगे हैं। कांग्रेस ने जनवरी प्रथम सप्ताह में कुछ प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की बात कही है। वहीं, आम आदमी पार्टी के विधानसभा प्रभारी ही प्रत्याशी के तौर पर तैयारी करते दिख रहे हैं। जबकि सत्तारूढ़ दल भाजपा दूसरे दलों की स्थिति और अपने दावेदारों के आकलन के बाद ही प्रत्याशी तय करना चाहती है।
कांग्रेस
पिछले कुछ समय से कांग्रेस के पर्यवेक्षकों का विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण तेजी से शुरू हुआ है। फिर स्क्रीनिंग कमेटी भी तूफानी दौरे पर रही। अधिकांश सीटों पर 10 से अधिक दावेदार सामने आए हैं। ऐसे में किसी एक का नाम फाइनल करना और अन्य नेताओं की नाराजगी को थामना चुनौती है। कमेटी अध्यक्ष अविनाश पांडे ने जनवरी प्रथम सप्ताह में प्रत्याशियों के नाम की घोषणा किए जाने का दावा किया है।
आप
आम आदमी पार्टी ने सभी 70 विधानसभा सीटों पर विधानसभा प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। चर्चा है कि यही प्रत्याशी होंगे। ये सभी प्रभारी ही अपने क्षेत्र में प्रत्याशी के तौर पर ही तैयारी करते नजर आ रहे हैं।
भाजपा
भाजपा मिशन-2022 को लेकर हर कदम सधे तरीके से रख रही है, जिससे कि 2017 के प्रचंड बहुमत के प्रदर्शन को दोहराया जा सके। पार्टी गुपचुप तरीके से दावेदारों की हकीकत आंकने में लगी है। इसमें सिटिंग विधायक भी शामिल हैं। सियासी हलकों में चर्चा तमाम तरह की है। कुछ विधायकों के टिकट कटने की है तो कई जगह युवाओं व महिलाओं को वरीयता देने की है। फिलहाल पार्टी विपक्षी दलों के प्रत्याशी चयन के दांव को देखना चाहती है, जिससे कि राह और आसान हो सके। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का कहना है कि केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक के बाद ही प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की जाएगी। वैसे चुनाव की घोषणा के बाद ही नाम तय होंगे।




