नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ सोमवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ। इस बार का कार्यक्रम छात्रों के लिए न केवल परीक्षा की चिंता दूर करने वाला रहा, बल्कि भोजन, स्वास्थ्य, लीडरशिप और जीवन प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी ने छात्रों को तिल के लड्डू खिलाकर की, जिससे माहौल और अधिक आत्मीय हो गया।
भोजन और सेहत पर मोदी की खास बातचीत
पीएम मोदी ने छात्रों से मजेदार सवाल किया, “कितने लोग सर्दी के इस मौसम में गाजर चबाकर खाते हैं?” सभी बच्चों ने खुशी-खुशी अपने हाथ उठा दिए। इस पर उन्होंने बाजरा और सब्जियों के महत्व पर चर्चा की और बताया कि संतुलित आहार सेहत के लिए कितना जरूरी है। उन्होंने एक मजेदार किस्सा भी साझा किया कि एक लड़के को किसी ने कह दिया था कि “गेहूं खाने से रंग काला हो जाता है,” और वह सिर्फ बाजरे की रोटी खाने लगा। इस पर उन्होंने हंसते हुए पूछा, “कहीं आप भी तो गूगल गुरु से नहीं पूछते कि आज क्या खाना है?”
एग्जाम प्रेशर से निपटने के लिए क्रिकेट का मंत्र
परीक्षा के दबाव को कम करने के लिए पीएम मोदी ने क्रिकेट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “जब कोई बल्लेबाज मैदान में खेलता है, तो स्टेडियम में हजारों लोग चिल्लाते हैं – सिक्स! फोर! लेकिन बल्लेबाज अगर उनकी बातों पर ध्यान देने लगे, तो वह आउट हो जाएगा। वह केवल गेंद पर ध्यान देता है, न कि शोर पर।” उन्होंने छात्रों से कहा कि परीक्षा के दौरान भी इसी तरह केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें, न कि बाहरी दबाव पर।
लीडरशिप के गुणों पर पीएम की सीख
बिहार के एक छात्र ने पीएम मोदी से पूछा कि “लीडरशिप में सबसे जरूरी गुण क्या हैं?” इस पर पीएम ने जवाब दिया कि “लीडरशिप थोपी नहीं जाती, बल्कि अपने आचरण से स्वीकार कराई जाती है।” उन्होंने बताया कि “एक अच्छा लीडर वही होता है जो उदाहरण प्रस्तुत करता है, टीमवर्क करता है और धैर्य रखता है।”
पीएम मोदी ने अपनी हैंडराइटिंग को लेकर किया खुलासा
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को बताया कि “मेरी हैंडराइटिंग बहुत खराब थी, लेकिन मेरे टीचर ने मेरे लिए मेहनत की।” उन्होंने कहा कि सभी छात्रों को अपने शिक्षकों की सलाह को गंभीरता से लेना चाहिए और अपनी कमजोरियों को सुधारने के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
“विफलताओं को अपना शिक्षक बनाएं”
पीएम मोदी ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि “लगातार कोशिश करते रहना ही सफलता की कुंजी है।” उन्होंने खेल की दुनिया का उदाहरण देते हुए कहा, “खिलाड़ी जब हारते हैं, तो वे अपनी गलतियों को रिकॉर्डिंग में देखते हैं और उनसे सीखते हैं। हमें भी अपनी विफलताओं से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।”
गाजर का हलवा और सीजनल फल खाने की सलाह
पीएम मोदी ने बच्चों से पूछा, “हम सभी को सीजनल फल खाने चाहिए या नहीं?” उन्होंने हंसते हुए कहा, “गाजर का हलवा तो सभी खाते होंगे?” इस पर बच्चों ने भी हंसते हुए जवाब दिया। उन्होंने छात्रों को सेहतमंद जीवनशैली अपनाने और मौसम के अनुसार आहार लेने की सलाह दी।
माता-पिता को बच्चों की क्षमता को समझना चाहिए
कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की वास्तविक क्षमता को पहचानें और उन पर अनावश्यक दबाव न डालें। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी क्षमताओं के अनुसार लक्ष्य तय करने चाहिए और लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ में पीएम मोदी की ये बातें छात्रों के लिए न केवल परीक्षा की चिंता कम करने वाली रहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी साबित हुईं।




