नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने करोड़ों कर्मचारियों को खुशखबरी देते हुए आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वपूर्ण फैसले को हरी झंडी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह आयोग 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
2026 तक लागू होगी सिफारिशें
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। 7वें वेतन आयोग का गठन 2016 में हुआ था और इसका कार्यकाल 2026 में समाप्त होगा। परंपरा के अनुसार, हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन किया जाता है ताकि महंगाई और आर्थिक स्थिति के अनुसार वेतनमान, भत्तों और लाभों में बदलाव किया जा सके।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ
सरकार के इस फैसले से एक करोड़ से अधिक केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर वेतन और पेंशन में वृद्धि की जाएगी, जिससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति जल्द
अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति जल्द ही की जाएगी। यह आयोग महंगाई और आर्थिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें करेगा, जो वेतन और पेंशन में समायोजन के लिए उपयोगी होंगी।
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें पहले ही लागू
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें पहले ही लागू की जा चुकी हैं, जिसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे। इन सिफारिशों के बाद वेतन समानता सुनिश्चित हुई और कर्मचारियों को आर्थिक रूप से लाभ हुआ।
महंगाई और आर्थिक स्थिति के अनुसार होगा संशोधन
आठवां वेतन आयोग महंगाई और अन्य आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वेतन और पेंशन में संशोधन की सिफारिश करेगा। इससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में समायोजन का लाभ मिलेगा।




