नई दिल्ली, सरकार 15 अगस्त तक देश में 5जी सेवा का कामर्शियल लांच कर सकती है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए दूरसंचार विभाग ने ट्राई से 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी से जुड़ी शर्तों के बारे में अनुशंसा देने की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध करते हुए इसे मार्च से पहले सौंपने को कहा है। बता दें कि इससे जुड़ी शर्ते एवं प्रविधान ट्राई की अनुशंसा मिलने के बाद ही अंतिम रूप से तय किए जा सकेंगे। इस नीलामी के दौरान 526-698 मेगाहर्ट्ज और मिलीमीटर बैंड जैसी नई फ्रीक्वेंसी के लिए मानदंड तय किए जा रहे हैं।
नीलामी के लिए ट्राई ने बुलाई बैठक
इसके अलावा 700 मेगाहर्ट्ज, 800, 900, 1800, 2100, 2300, 2500 और 3300-3670 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम के लिए भी बोली लगाई जाएंगी। इस स्पेक्ट्रम नीलामी से जुड़े पक्षों के साथ विचार- विमर्श के लिए ट्राई ने हाल ही में एक चर्चा सत्र आयोजित किया था। इसके बाद वह अपनी अनुशंसाओं को अंतिम रूप देने में जुट गया है। दूरसंचार विभाग ने ट्राई से मार्च 2022 के पहले अपनी अनुशंसाएं सौंपने का अनुरोध करते हुए कहा है कि इसे जल्द-से-जल्द पूरा किया जाए।
5जी के बाद संचार क्षेत्र में होगी क्रांती
देश में 5जी सेवा की शुरूआत साफतौर पर संचार के क्षेत्र में एक क्रांति होगी। अभी देश में इंटरनेट की अधिकतम स्पीड एक जीबी प्रति सेकंड है, जो 5जी आने के बाद 10 से 20 जीबी प्रति सेकंड हो जाएगी। 5जी आने के बाद एक फिल्म डाउनलोड करने में छह मिनट के बजाय महज 20 सेकंड का वक्त लगेंगे। बात अगर देश के सुदूर क्षेत्रों की करें तो कई बार 4जी कवरेज नहीं मिलती। लेकिन 5जी आने के बाद तब वहां भी तेज वीडियो स्ट्रीमिंग, सर्फिंग का अलग अनुभव मिल सकेगा।
क्लाउड गेमिंग के लिए नए आयाम होंगे स्थापित
देश में 5जी सेवा लांच होने के बाद वर्चुअल रियलिटी, क्लाउड गेमिंग के लिए नए आयाम स्थापित होंगे। ई-गवर्नेंस का भी विस्तार होगा। 5जी के आने से सुदूर इलाकों में लगातार कनेक्टिविटी बनी रहेगी। वर्ष 2025 तक सभी गांवों तक फाइबर आप्टिक्स बिछाने का भी लक्ष्य रखा गया है।




