Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel

Tripura CM Manik Saha: डॉक्टरी में यूनिवर्सिटी में चौथी रैंकिंग, नेशनल लेवल के बैडमिंटन खिलाड़ी, छह साल में बीजेपी सदस्य से सीएम तक का सफर

Tripura CM Manik Saha: डॉक्टरी में यूनिवर्सिटी में चौथी रैंकिंग, नेशनल लेवल के बैडमिंटन खिलाड़ी, छह साल में बीजेपी सदस्य से सीएम तक का सफर

नई दिल्ली, त्रिपुरा में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले, राज्य में बड़ी हलचल देखने को मिली जब बिप्लब कुमार देब ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कयासों का दौर शुरू हो गया कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। हालांकि, इसको लेकर बहुत देर इंतजार नहीं करना पड़ा और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. माणिक साहा को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। 69 वर्षीय माणिक साहा राज्यसभा सांसद भी हैं। साहा 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, ऐसे में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचना पार्टी में उनके बढ़ते कद की तरफ संकेत देता है।

माणिक साहा पेशे से डेंटल सर्जन हैं। इस साल, मार्च में वह राज्यसभा सांसद चुने गए थे। माणिक साहा को बिप्लब कुमार देब का बेहद करीबी माना जाता है। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और पार्टी एक बार फिर सत्ता में लौटने की कोशिश में जुटी है। इस बीच, बिप्लब कुमार देब ने इस्तीफा दिया तो माणिक साहा का नाम आगे बढ़ा दिया। वहीं, इसको लेकर पार्टी के कुछ विधायकों में असंतोष की खबरें भी आई हैं।

माणिक साहा की शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो, उन्होंने गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज, पटना से डेंटल स्टडीज में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और उन्होंने यूनिवर्सिटी रैंकिंग में चौथा स्थान हासिल किया। साहा ने 1995 में केजीएमसी लखनऊ विश्वविद्यालय से ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। वे त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज और डॉ बीआर अंबेडकर टीचिंग हॉस्पिटल में डेंटल सर्जरी के प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें इंडियन डेंटल एसोसिएशन द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है।

डर है कि कहीं सच्चाई सामने ना आ जाए-ताजमहल पर कोर्ट की टिप्पणी पर एक्टर ने कसा तंज तो लोग लेने लगे मजे

माणिक साहा की वफादारी और साफ-सुथरी छवि 2019 में रंग लाई, जब भाजपा सरकार ने उन्हें त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष बनने में मदद की। वह एक एथलीट भी रहे हैं और उन्होंने विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय स्तर पर बैडमिंटन टूर्नामेंट में भाग भी लिया है। साहा को 1970 में जूनियर डिवीजन लड़कों में सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट घोषित किया गया था।

भाजपा में उनका बढ़ते प्रभाव की झलक तब देखने को मिली जब 2020 में बिप्लब कुमार देब की जगह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। हालांकि, देब को पार्टी इकाई के प्रमुख के रूप में हटाना असंतुष्ट नेताओं की प्रमुख मांग थी, जो चाहते थे कि नेतृत्व राज्य में ‘एक आदमी, एक पद” की नीति को लागू करे। और इसी साल मार्च में साहा त्रिपुरा से राज्यसभा के लिए चुने जाने वाले पहले बीजेपी नेता भी बने।

अपने कार्यकाल के दौरान कार्यशाली को लेकर सुर्खियों में रहे बिप्लब देब

48 साल की उम्र में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बनने वाले बिप्लब कुमार देव ने शनिवार को सभी को चौंकाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अपने कार्यकाल के दौरान कभी अपनी कार्यशैली, तो कभी अपने बयानों के कारण बिप्लब अक्सर सुर्खियों में रहे। अक्टूबर 2020 में रॉय बर्मन ने बगावत कर दी और देब को हटाने के लिए विधायकों के एक दल के साथ दिल्ली पहुंच गए। रॉय बर्मन ने बिप्लब देब को ‘अनुभवहीन और अलोकप्रिय’ बताया था। हालांकि, भाजपा ने देब का साथ दिया था और बाद में रॉय बर्मन और आशीष कुमार साहा ने भाजपा का साथ छोड़ दिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश बनेगा ‘ग्लोबल मैनपावर हब’

सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास...

प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर सवाल: एक बेटे की मौत, दूसरा कहां है?

Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के...

ममता बनर्जी ने भी किया CJP का समर्थन, अभिजीत दिपके के साथ कौन-कौन से दल?

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे...