Maharashtra: महाराष्ट्र में MVA सरकार का अंत, जानिए वो 5 बड़े फैसले जिनके लिए उद्धव सरकार को किया जाएगा याद

Maharashtra: महाराष्ट्र में MVA सरकार का अंत, जानिए वो 5 बड़े फैसले जिनके लिए उद्धव सरकार को किया जाएगा याद

Maharashtra Uddhav Thackrey Big Decisions: महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की बगावत की वजह से महाविकास अघाड़ी सरकार (MVA Govt) का अंत हो गया है. उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackrey) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. जिसके बाद प्रदेश में फडणवीस के नेतृत्व में फिर से सरकार बनने की संभावना है. महाराष्ट्र में जल्द ही बीजेपी सरकार का गठन कर सकती है. महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव ठाकरे ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिसके लिए उन्हें जाना जाएगा. जाते-जाते उन्होंने औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम बदल दिए.

महाराष्ट्र में सीएम पद से इस्तीफे से पहले उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackrey) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आगामी नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम किसान नेता दिवंगत डीबी पाटिल के नाम पर रखने को मंजूरी दी गई है.

औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम बदले

महाराष्ट्र (Maharashtra) में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackrey) पर हिंदुत्व के एजेंडे को भूलने के आरोप लगते रहे. इस बीच इस्तीफे से पहले हिंदुत्व कार्ड खेलते हुए उद्धव ठाकरे ने बुधवार 29 जून शाम कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के दो बड़े शहरों औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम चेंज कर दिए. औरंगाबाद को संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव किया गया. इसके अलावा नवीं मुंबई में बन रहे एयरपोर्ट का नामाकरण कर दिया है. उद्धव ठाकरे ने इस कैबिनेट की बैठक के बाद अपने समर्थक नेताओं और अधिकारियों के प्रति आभार भी जताया था. आइए जानते है कि उद्धव ने मुख्यमंत्री रहते क्या-क्या बड़े फैसले लिए जिसके लिए उन्हें याद किया जाएगा.

 

 उद्धव ठाकरे सरकार के 5 बड़े फैसले

  • नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (Navi Mumbai Airport) का नाम किसान नेता दिवंगत डीबी पाटिल (DB Patil) के नाम पर रखने को मंजूरी दी गई
  • उद्धव ठाकरे ने कैबिनेट की बैठक में औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर (Sambhaji Nagar) करने का प्रस्ताव पारित किया
  • कैबिनेट की बैठक में उस्मानाबाद का भी नाम बदल दिया गया. अब इस नगर का नाम बदलकर धाराशिव (Dharashiv) किया गया
  • मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तरी महाराष्ट्र के पिछड़े इलाकों में औद्योगिक उपभोक्ताओं को किफायती रेट पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए 1,200 करोड़ रुपए का प्रावधान
  • पुणे-नासिक रेल मार्ग के लिए योगदान के रूप में 249 करोड़ रुपए का योगदान दिया गया.

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