नई दिल्ली, आम आदमी पार्टी (आप) की डॉक्यूमेंट्री ‘अनब्रेकेबल’ की स्क्रीनिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ‘आप’ का दावा है कि भाजपा के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रनिंग पर रोक लगा दी है। यह डॉक्यूमेंट्री पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सत्येंद्र जैन की जेल यात्रा पर आधारित है, जिसमें उनके जेल में बिताए गए समय और उससे जुड़े घटनाक्रम को दिखाया गया है।
दिल्ली पुलिस का बयान और आप का आरोप
दिल्ली पुलिस का कहना है कि ‘अनब्रेकेबल’ डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी, जो चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। पुलिस ने कहा, “चुनाव के दौरान किसी भी राजनीतिक आयोजन के लिए डीईओ कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य है।” वहीं, ‘आप’ का आरोप है कि भाजपा इस डॉक्यूमेंट्री से डरी हुई है और इसीलिए इसकी स्क्रीनिंग रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भाजपा इस फिल्म से बुरी तरह से डरी हुई है। आखिर क्यों? यह फिल्म भाजपा सरकार के गैर कानूनी और गैर संवैधानिक कामों को उजागर करती है।” उन्होंने आगे लिखा कि भाजपा इस फिल्म को दिखाने से रोकने की कोशिश कर रही है क्योंकि यह उनके गलत कार्यों को सामने लाएगी।
सौरभ भारद्वाज का बयान
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा, “पुलिस का किसी फिल्म की स्क्रीनिंग से कोई लेना-देना नहीं है। अब हम इस फिल्म को जनता को दिखाकर रहेंगे, चाहे मोबाइल पर दिखाना पड़े या व्हाट्सएप के जरिए भेजना पड़े।”
प्यारे लाल भवन में होनी थी स्क्रीनिंग
‘आप’ ने प्यारे लाल भवन (आईटीओ) में सुबह 11:30 बजे इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का आयोजन किया था। हालांकि, पुलिस की रोक के बाद यह आयोजन नहीं हो सका। इस घटना ने एक बार फिर ‘आप’ और भाजपा के बीच तनाव को बढ़ा दिया है, जहां दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जहां एक ओर ‘आप’ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा और पुलिस इसे कानून और चुनावी प्रक्रिया का पालन करने का मुद्दा बता रहे हैं।




