कानपुर. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Election 2022) से ठीक पहले कानपुर में मेट्रो (Kanpur Metro Train) के पहले फेज की शुरुआत होने जा रही है. इस मेट्रो से कानपुर के लोगों की ट्रैफिक की समस्या का समाधान हो जाएगा. पहले फेज की मेट्रो का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 28 दिसंबर को कानपुर पहुंच रहे हैं, मगर इस मेट्रो के उद्घाटन से पहले ही क्रेडिट को लेकर सियासत शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री के उद्घाटन के ठीक पहले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव गोविंद मिश्रा ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश के हैं, उद्घाटन कर सकते हैं, लेकिन इसकी आधारशिला पिछली सरकार ने रखी थी. जब अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) मुख्यमंत्री थे, उस समय कानपुर वासियों के लिए यह सौगात मिली थी. बीजेपी हरी झंडी दिखाने और फीता काटने का काम कर रही है.
वहीं, प्रधानमंत्री द्वारा कानपुर मेट्रो के उद्घाटन के पहले हो रही राजनीति पर बीजेपी भड़क गई और भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुनील बजाज ने कहा कि बीजेपी ने मेट्रो का पूरा काम किया और अब जाकर इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं. विपक्ष का काम किसी भी अच्छे काम पर सवाल खड़े करना है. कल सपा के लोग यह भी कह सकते हैं कि भारत देश की नींव भी खुद सपा ने रखी.
बहरहाल, आरोप-प्रत्यारोप के इतर अब कानपुर मेट्रो कानपुर वासियों के लिए एक सौगात बनकर आ रही है. कानपुर वालों को ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए जल्द ही कानपुर के भीतर मेट्रो के पहले चरण की शुरुआत हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पहले फेज के मेट्रो का उद्घाटन हरी झंडी दिखाकर करेंगे और इसके लिए मेट्रो डिपो में प्रधानमंत्री के आगमन के हिसाब से सारी चीजें तैयार की जा रही हैं. कानपुर में ट्रैफिक एक मूल समस्या रही है, जो हर बार कहीं न कहीं चुनावी मुद्दा बनती रही है. इस बार प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाने के बाद ही कानपुर के ट्रैफिक की समस्या में कमी आएगी और कानपुर भी उन शहरों में से एक हो जाएगा जहां पर मेट्रो ट्रेन दौड़ रही हैं.




