Online bahis kullanıcılarının %54’ü haftada en az bir kez canlı bahis oynamaktadır; bu oran bahsegel giriş platformunda %63’tür.

Engellemelerden etkilenmemek için bettilt sık sık kontrol ediliyor.

Bahsegel güncel giriş bahsegel bettilt

OECD raporları, kullanıcıların %52’sinin “kayıp limiti” belirleyen platformları tercih ettiğini göstermektedir; paribahis bu özelliği destekler.

bahsegel giriş bettilt bahsegel bahsegel giriş bahsegel bahsegel giriş bahsegel bettiltguncel.com bettilturk-turk.click bettilt bettilt bahsegel bahsegel bettilt bahsegel giriş

Online kumar, Türkiye yasalarına göre yasaklanmıştır; ancak bettilt giriş gibi lisanslı platformlar uluslararası erişim sağlar.

जम्मू, 28 फरवरी 2021

जम्मू में कांग्रेस के 8 असंतुष्ट नेताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन के एक दिन बाद गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। आजाद ने उन्हें जमीन से जुड़ा हुआ ऐसा नेता बताया है जो आज भी खुद को चायवाला बताने पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने कहा है कि किसी को अपनी असलियत कभी नहीं छिपानी चाहिए और पीएम मोदी ऐसा करने में फक्र महसूसत करते हैं। गौरतलब है कि मोदी ने राज्यसभा से उनके विदाई के दौरान बहुत ही भावनात्मक भाषण दिया था और उनके किए कार्यों को याद करके उनकी आंखों से आंसू तक छलक आए थे। तब सियासी गलियारों में यहां तक कयास लगाए जा रहे थे कि वो भाजपा के करीब जा रहे हैं। बाद में दिल्ली के एक सरकारी मुशायरा कार्यक्रम में उन्हें सरकार की ओर से जमकर इस्तकबाल भी किया गया था। हालांकि, भाजपा में जाने की बात वो यह कहकर साफ खारिज कर चुके हैं कि वो बीजेपी में जरूर शामिल होंगे, जब जम्मू और कश्मीर में काली बर्फ गिरेगी।

पीएम मोदी के ‘मुरीद’ हुए गुलाम नबी आजाद

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने पीएम मोदी की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री बनने के बावजूद उन्होंने अपनी जड़ों को कभी नहीं भूला है और वो खुद को गर्व से ‘चायवाला’ कहते हैं। जम्मू में गुज्जर समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा के पूर्व नेता विपक्ष ने कहा, ‘लोगों को नरेंद्र मोदी से जरूर सीखना चाहिए कि प्रधानमंत्री बनने के बावजूद, उन्होंने अपनी जड़ों को नहीं भुलाया है। वो खुद को गर्व से चायवाला कहते हैं। हालांकि, नरेंद्र मोदी के साथ मेरे बहुत ही गंभीर राजनीतिक मतभेद हैं, पीएम बहुत ही जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं।’ राज्यसभा में पीएम मोदी की ओर से उनकी तारीफ में कही गई बातों के कुछ दिन बाद आजाद ने उनके प्रति इस तरह की भावनाएं सार्वजनिक मंच पर जाहिर की हैं। सदन में अपने 13 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने 2007 में कश्मीर में हुई एक आतंकी घटना के बाद वहां फंसे गुजरात के लोगों को भेजने में बतौर मुख्यमंत्री आजाद की मदद की खूब सराहना की थी और वो बहुत ही भावुक हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए ज्यादा फंड देने की वकालत

हालांकि, आजाद ने यह भी कहा है कि आर्टिकल-370 हटने के बाद और कोरोना लॉकडाउन के बाद पैदा हुए हालातों के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर को आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा है, ‘विकास के कार्यों को तीन गुना करना होगा। दिल्ली से जम्मू-कश्मीर को 3-4 गुना ज्यादा फंड मिलनी चाहिए। आज काम दिख नहीं रहा है और उद्योग बंद पड़े हैं।’ इससे पहले आजाद जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिए जाने की वकालत कर चुके हैं। लेकिन, अपने जम्मू दौरे के लगातार दूसरे दिन कांग्रेस के असंतुष्ट खेमे में शामिल नेता ने जिस तरह की बातें कही हैं, उसके कई तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

जो अपनी असलियत छिपाता है वो…….

आजाद ने कहा है कि सियासत अपनी जगह है, लेकिन कम से कम अपनी असलियत नहीं छुपाना यह बड़ी बात है। उन्होंने पीएम मोदी के बारे में यह बात कही है। उन्होंने कहा है अगर कोई अपनी असलियत छिपाता है तो इसका मतलब है कि वह दिखावे की दुनिया में रह रहा है। वो बोले कि वह पूरी दुनिया में घूम चुके हैं, लेकिन अपने गांव में अपने लोगों के बीच बैठने की खुशबू ही अलग होती है, जिसमें मजा आता है।

‘हम देख सकते हैं कांग्रेस कमजोर हो रही है’

शनिवार को आजाद समेत पार्टी के जी-23 के 8 सदस्य जम्मू में उनके सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे। वहां इन नेताओं ने कहा था कि पार्टी कमजोर हो रही है, जिसे मजबूत करने के लिए ये सारे लोग एक मंच पर इकट्टा हुए हैं। इस कार्यक्रम में कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मनीष तिवारी, विवेक तनखा और राज बब्बर जैसे असंतुष्ट नेता शामिल हुए थे। इस दौरान सिब्बल ने कहा था- ‘यह सच बोलने का मौका है और मैं सच्च ही बोलूंगा। हम लोग यहां पर क्यों जुटे हैं? सच्चाई ये है कि हम देख सकते हैं कि कांग्रेस कमजोर हो रही है। हम लोग पहले भी एकसाथ आ चुके हैं और हमें कांग्रेस को मजबूत करना है।’