द फ्रंट डेस्क, भारत में मीठे खाने का शौक रखने वालों के बीच चीनी और गुड़ का खूब इस्तेमाल होता है। मिठाइयों से लेकर चाय-कॉफी तक, दोनों ही चीजें हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों में से स्वास्थ्य के लिए कौन बेहतर है? चलिए जानते हैं।
पोषक तत्वों से भरपूर गुड़
गुड़ पूरी तरह से प्राकृतिक होता है और इसे गन्ने के रस से बिना किसी केमिकल प्रक्रिया के तैयार किया जाता है। इसके अंदर मौजूद पोषक तत्व इसे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद बनाते हैं।
गुड़ में मौजूद पोषक तत्व
कैलोरी: 383, फाइबर: 1 ग्राम, आयरन: 3 मिग्रा, कैल्शियम: 80 मिग्रा, फॉस्फोरस: 40 मिग्रा, कार्बोहाइड्रेट: 99 ग्राम, गुड़ न केवल एनर्जी का बेहतरीन स्रोत है, बल्कि यह शरीर को डिटॉक्स करने, एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदान करने और मांसपेशियों की थकान दूर करने में भी मदद करता है।
चीनी: कम पोषक और नुकसानदेह
चीनी भी गन्ने के रस से बनाई जाती है, लेकिन इसे बनाने के लिए गन्ने के रस को उबालने के बाद ब्लीच किया जाता है। इस प्रक्रिया में चीनी के अधिकांश पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
चीनी में मौजूद पोषक तत्व:
कैलोरी: 387, कार्बोहाइड्रेट: 95.98 ग्राम, पोटैशियम: 2 मिग्रा, चीनी में कोई विटामिन या खनिज नहीं होते। अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, यह इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती है।
सेहत के लिए क्या बेहतर है?
चीनी की तुलना में गुड़ स्वास्थ्य के लिए ज्यादा फायदेमंद है। यह न केवल ऊर्जा का बेहतर स्रोत है, बल्कि इसमें मौजूद आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स शरीर को अतिरिक्त पोषण प्रदान करते हैं। चीनी, हालांकि, स्वाद के लिए अच्छी है, लेकिन इसके ज्यादा सेवन से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।




