पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जुमे की नमाज़ के दौरान हुए आत्मघाती हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। तरलाई इलाके की एक मस्जिद में हुए इस विस्फोट में दर्जनों लोगों की जान गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हैं।
धमाका कहां और कब हुआ?
यह आत्मघाती हमला इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजातुल कुबरा मस्जिद-सह-इमामबाड़ा में हुआ। घटना उस वक्त हुई, जब जुमे की नमाज़ अदा की जा रही थी और मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
हमलावर ने कैसे अंजाम दिया वारदात को?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर को मस्जिद के एंट्री गेट पर सुरक्षाकर्मी ने रोक लिया था। इसी दौरान हमलावर ने पहले फायरिंग शुरू की और फिर खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे तक टूट गए।
अब तक कितनी जानें गईं?
जिला प्रशासन के अनुसार, इस हमले में अब तक कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 169 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्या किसी संगठन ने जिम्मेदारी ली है?
फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमलावर विदेशी नागरिक था और उसके संबंध ‘फितना अल ख्वाराजी’ से हो सकते हैं, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है।
सुरक्षा और राहत के क्या इंतज़ाम किए गए?
धमाके के तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने पूरे इलाके को घेर लिया। सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं, राजधानी के बड़े अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
पॉलीक्लिनिक, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और CDA अस्पताल में सभी अहम विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं क्या रहीं?
पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विपक्षी नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। नेताओं ने इसे निर्दोष नागरिकों और धार्मिक स्थलों पर हमला बताते हुए दोषियों को सख्त सजा देने की बात कही है।
क्यों अहम है यह हमला?
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति पाकिस्तान के दौरे पर हैं। ऐसे में इस धमाके को सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला माना जा रहा है।




