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एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 60 हजार करोड़ के MoU… सीएम योगी के सिंगापुर दौरे से यूपी को क्या मिला?

एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 60 हजार करोड़ के MoU… सीएम योगी के सिंगापुर दौरे से यूपी को क्या मिला?

द फ्रंट डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ सिंगापुर का दौरा किया। इस दौरान टीम यूपी को करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (MoU) ‘इन्वेस्ट यूपी’ के माध्यम से साइन किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए बड़ा आर्थिक अवसर बताते हुए कहा कि यह निवेश राज्य को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ आर्थिक विकास की रफ्तार तेज करेगा।

एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और 60 हजार करोड़ के MoU

सिंगापुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एविएशन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं। 60 हजार करोड़ रुपये के MoU पर हस्ताक्षर होना इस बात का संकेत है कि निवेशकों का उत्तर प्रदेश पर भरोसा मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वैश्विक निवेशक पारदर्शिता और स्थिर नीति को प्राथमिकता देते हैं। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सुधारों के कारण राज्य निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बन रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये निवेश प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की दिशा में निर्णायक बढ़त देंगे।

लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और जेवर एयरपोर्ट पर फोकस

सिंगापुर की कंपनियां विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में रुचि दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को निवेश के प्रमुख केंद्रों के रूप में प्रस्तुत किया। जेवर एयरपोर्ट के साथ कार्गो हब और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधा विकसित करने पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय विमान अपने एमआरओ कार्यों के लिए सिंगापुर जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा भारत में, खासकर जेवर में विकसित की जा सकती है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने भी उत्तर प्रदेश को भारत की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था बताया और दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की बात कही।

कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार पर जोर

दौरे के दौरान तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, एविएशन स्किल और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण को लेकर कई समझौते हुए। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के विश्वस्तरीय स्किलिंग सेंटर (आईटीई) का दौरा किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में हर जिले में स्किल को स्किलिंग और स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन के माध्यम से युवाओं को उद्योग से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर का स्किल मॉडल प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है और इससे युवाओं को वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग मिल सकेगी।

ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य और वैश्विक छवि

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते वर्षों में व्यापक आर्थिक प्रगति की है और उत्तर प्रदेश उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि दो दिनों में 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई, जिनमें सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल थे। उन्होंने विश्वास जताया कि सिंगापुर में हुए निवेश समझौते और प्राप्त प्रस्ताव प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के और करीब ले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भारतीय उच्चायोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और एमआरओ जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

सिंगापुर दौरे को मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के लिए आर्थिक कूटनीति का महत्वपूर्ण चरण बताया, जो आने वाले वर्षों में राज्य के विकास को नई दिशा देगा।

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