अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने का भी सही समय है। महिलाएं घर और बाहर की ज़िम्मेदारियों के बीच अक्सर अपनी सेहत की अनदेखी कर देती हैं, जिससे वे शारीरिक और मानसिक तनाव का शिकार हो सकती हैं। नियमित योगाभ्यास से महिलाएं न केवल फिट और ऊर्जावान रह सकती हैं, बल्कि यह उन्हें तनाव, हार्मोनल असंतुलन और शारीरिक समस्याओं से भी बचाने में मदद करता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, योग हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, तनाव को कम करने और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने में मदद करता है। इस महिला दिवस पर, आइए जानें 5 महत्वपूर्ण योगासन, जो हर महिला को अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अपनी दिनचर्या में शामिल करने चाहिए।
1. भुजंगासन (कोबरा पोज़)
भुजंगासन रीढ़ को लचीला और मजबूत बनाने में मदद करता है। यह आसन पीठ दर्द को कम करने, शरीर की मुद्रा सुधारने और मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करने में सहायक है। इसके अलावा, यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।
कैसे करें?
पेट के बल लेट जाएं और दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें।
धीरे-धीरे अपने सिर और छाती को ऊपर उठाएं, कोहनियों को हल्का मोड़ते हुए।
इस मुद्रा में कुछ सेकंड रुकें और फिर वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
2. अधोमुख श्वानासन (डाउनवर्ड-फेसिंग डॉग)
यह योगासन पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है और रक्त संचार को बढ़ाने में मदद करता है। हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग के अनुसार, यह आसन चिंता और थकान को कम करता है, जिससे मानसिक शांति बनी रहती है।
कैसे करें?
अपने हाथों और पैरों को जमीन पर टिकाकर शरीर को उलटे “V” आकार में लाएं।
एड़ी को ज़मीन की ओर धकेलें और सिर को नीचे रखते हुए शरीर को स्ट्रेच करें।
कुछ सेकंड तक इस मुद्रा में रहें और धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
3. बद्ध कोणासन (बटरफ्लाई पोज़)
यह योगासन प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है। यह पीसीओएस, मासिक धर्म संबंधी समस्याओं और हार्मोनल असंतुलन को कम करने में सहायक है।
कैसे करें?
पैरों को मोड़कर तलवों को आपस में जोड़ें और घुटनों को बाहर की ओर फैलाएं।
रीढ़ सीधी रखते हुए धीरे-धीरे आगे झुकें।
इस स्थिति में कुछ देर तक रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
4. उष्ट्रासन (ऊँट मुद्रा)
यह आसन छाती और पीठ को खोलता है, जिससे शरीर की मुद्रा में सुधार होता है और पाचन तंत्र मजबूत बनता है। यह थकान और तनाव को कम करने में भी मदद करता है।
कैसे करें?
घुटनों के बल खड़े होकर अपने हाथों को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाएं और एड़ियों को पकड़ें।
सिर को पीछे की ओर झुकाएं और छाती को खोलें।
कुछ सेकंड इस मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
5. मालासन (माला मुद्रा)
यह योगासन पाचन तंत्र को सुधारने और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह एक बेहतरीन आसन माना जाता है।
कैसे करें?
पैरों को थोड़ा चौड़ा करके स्क्वाट करें और हाथों को प्रार्थना मुद्रा में जोड़ें।
कोहनियों को घुटनों के अंदर रखें और रीढ़ को सीधा रखें।
इस मुद्रा को कुछ सेकंड तक बनाए रखें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
योग न केवल महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें संतुलित रखता है। नियमित योग अभ्यास से तनाव कम होता है, हार्मोनल संतुलन बना रहता है और संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है। इस महिला दिवस पर, हर महिला को अपने लिए समय निकालकर योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि वे स्वस्थ, ऊर्जावान और खुशहाल जीवन जी सकें।




