भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल में पहले गेंदबाजी करते हुए भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 251 रनों पर रोक दिया, फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए केएल राहुल और रवींद्र जडेजा की संयम भरी पारियों की मदद से जीत दर्ज की। यह मुकाबला कई रोमांचक मोड़ों से गुजरा। आइए जानते हैं वे 7 लम्हे जिन्होंने इस मैच का नतीजा तय किया।
1. कुलदीप का सम्मोहिनी जादू
टॉस हारने के बाद भारतीय टीम को गेंदबाजी मिली। कुलदीप यादव ने अपने स्पेल की पहली ही गेंद पर रचिन रविंद्र को बोल्ड कर दिया और अगली ही गेंदों में केन विलियमसन को भी पवेलियन भेज दिया। उनके जादुई स्पिन ने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को कमजोर कर दिया।
2. जडेजा ने फंसाया न्यूजीलैंड को जाल में
न्यूजीलैंड की पारी संभालने की कोशिश कर रहे टॉम लैथम को रवींद्र जडेजा ने एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इस विकेट ने न्यूजीलैंड की रनगति पर रोक लगा दी और दबाव बना दिया, जिससे कीवी टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।
3. फील्डिंग की चूक ने भारत पर डाला दबाव
भारतीय टीम की लचर फील्डिंग ने न्यूजीलैंड को संभलने का मौका दिया। 35वें और 36वें ओवर में रोहित और गिल ने कैच छोड़े, जिससे न्यूजीलैंड 251 रनों का प्रतिस्पर्धी स्कोर बना सका।
4. रोहित की तूफानी शुरुआत, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं बना पाए
रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए तेज शुरुआत दी। उन्होंने 76 रन बनाए, लेकिन रचिन रविंद्र की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। उनकी पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया, लेकिन उनके आउट होते ही टीम दबाव में आ गई।
5. फिलिप्स का अविश्वसनीय कैच और कोहली का जल्दी आउट होना
गिल जब लय में आ रहे थे, तभी फिलिप्स ने हवा में डाइव लगाकर उनका हैरतअंगेज कैच पकड़ा। अगले ही ओवर में विराट कोहली एलबीडब्ल्यू आउट हो गए, जिससे न्यूजीलैंड की वापसी हो गई और मैच रोमांचक हो गया।
6. श्रेयस और अक्षर का संघर्ष, लेकिन विकेट गंवाने से बढ़ा दबाव
श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल ने भारत को जीत के करीब लाने की कोशिश की, लेकिन श्रेयस 48 और अक्षर 29 रन बनाकर आउट हो गए। 203 रनों पर पांच विकेट गिरने के बाद भारत पर दबाव आ गया।
7. केएल राहुल और जडेजा ने जिताया खिताब
जब भारत को 30 गेंदों में 32 रनों की जरूरत थी, तब हार्दिक पंड्या ने छक्का लगाकर उम्मीद जगाई, लेकिन वे जल्दी आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल (34*) और रवींद्र जडेजा (9*) ने संभलकर खेलते हुए भारत को एक ओवर शेष रहते जीत दिलाई।
इस शानदार प्रदर्शन के लिए रोहित शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच और रचिन रविंद्र को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। भारतीय टीम की यह तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी जीत रही, जिससे पूरी टीम और प्रशंसक जश्न में डूब गए।




