जानें कितनी है राष्ट्रपति की सैलरी, वेतन-भत्तों के अलावा मिलती हैं कौन-सी सुविधाएं और कितनी है पावर

जानें कितनी है राष्ट्रपति की सैलरी, वेतन-भत्तों के अलावा मिलती हैं कौन-सी सुविधाएं और कितनी है पावर

President Salary: द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति होंगी। वर्तमान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। ऐसे में 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू नए राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगी। बता दें कि मुर्मू देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली आदिवासी महिला हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद आखिर उन्हें कितनी सैलरी मिलेगी? इस पैकेज में जानते हैं, राष्ट्रपति को मिलने वाले वेतन-भत्तों और सुविधाओं के बारे में।

राष्ट्रपति को मिलती है इतनी सैलरी : 
2018 तक राष्ट्रपति को हर महीने 1.50 लाख रुपए सैलरी मिलती थी। हालांकि, इसके बाद राष्ट्रपति की सैलरी सीधे 5 लाख रुपए हो गई। इसके अलावा राष्ट्रपति को आजीवन फ्री मेडिकल, टेलीफोन बिल, आवास, बिजली समेत कई और भत्ते भी मिलते हैं। रिटायर होने के बाद राष्ट्रपति को आधी सैलरी यानी 2.5 लाख रुपए पेंशन मिलती है। इसके साथ ही एक बंगला, दो मोबाइल फोन भी मिलता है।

राष्ट्रपति को मिलती हैं ये सुविधाएं : 
राष्ट्रपति को आने-जाने के लिए मर्सडीज बेंज एस 600 पुलमैन गार्ड कार मिलती है। राष्ट्रपति के पास 86 स्पेशल गार्ड होते हैं, जिन्हें प्रेसिडेंशियल बॉडीगार्ड कहते हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति के पास पांच लोगों का सेक्रेटेरियल स्टाफ होता है। राष्ट्रपति भवन की देखरेख के लिए 200 कर्मचारी हैं, जो हर एक चीज पर नजर रखते हैं।

वेकेशन के लिए हॉलिडे रिट्रीट :  
राष्ट्रपति के पास वेकेशन एन्जॉय करने के लिए दो बेहतरीन हॉलिडे रिट्रीट भी हैं। इनमें एक हैदराबाद में राष्ट्रपति निलयम है। वहीं, दूसरा शिमला के पास रिट्रीट बिल्डिंग है। भारत के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी दुनिया भर में कहीं भी मुफ्त में यात्रा कर सकते हैं।

340 कमरे का राष्ट्रपति भवन : 
रायसीना हिल स्थित राष्ट्रपति भवन भारत के राष्ट्रपति का ऑफिशियल घर है। इसमें 340 कमरे हैं और यह 320 एकड़ में फैला है। राष्ट्रपति भवन को ब्रिटिश वायसराय के लिए बनाया गया था, जिसे एडवर्ड लुटियंस और हरबर्ट बेकर ने डिजाइन किया था।

राष्ट्रपति के पास होती ये पावर : 
– राष्ट्रपति के पास प्रधान मंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर युद्ध की घोषणा करने की शक्ति है। इसके अलावा देश की सभी जरूरी संधियां और अनुबंध राष्ट्रपति के द्वारा किए जाते हैं।
– इसके अलावा कोई भी बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के बिना पास नहीं हो सकता। राष्ट्रपति तीनों सेनाओं का प्रमुख होता है।
– आर्टिकल 72 के तहत राष्ट्रपति के पास किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा माफ करने, कम करने या फिर मृत्युदंड पाए अपराधी को जीवनदान देने का भी अधिकार है।
– भारत के चीफ जस्टिस, राज्य के हाईकोर्ट के जजों, राज्यपालों, चुनाव आयुक्तों और राजदूतों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति के द्वारा ही होती हे।
– किसी राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति कंट्रोल से बाहर हो गई है तो  राष्ट्रपति आर्टिकल 356 के जरिए वहां राष्ट्रपति शासन लगा सकता है।

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