
नई दिल्ली, 29दिसंबर, 2020
वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया (RKS Bhadauria) ने मंगलवार को चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) को आड़े हाथों लिया. वैश्विक समुदाय को आगाह करते हुए वायुसेना चीफ (IAF Chief) ने कहा कि बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने चीन को मौका दिया कि वह अपनी बढ़ती ताकत का प्रदर्शन करे. इससे वैश्विक सुरक्षा के मोर्च पर साझेदारी की कमी भी साफ झलकती है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, चीन की नीतियों का मोहरा बन गया है. चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic corridor) के कर्ज के बोझ तले पड़ोसी मुल्क दबा हुआ है और भविष्य में इसके सैन्य रूप से भी चीन पर निर्भर होने की आशंका बढ़ती जा रही है.
अफगानिस्तान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिका के निकलने के बाद पाकिस्तान के जरिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से चीन को क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने का मौका मिल गया है. उन्होंने कहा कि छोटे आतंकी समूहों या राज्य समर्थित आतंकवादियों को ड्रोन जैसे सरल विघटनकारी तकनीक की कम लागत और आसान उपलब्धता ने उन्हें अधिक घातक, चुस्त और प्रतिकूल प्रभाव पैदा करने में सक्षम बना दिया है.
दूसरी ओर चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारतीय वायुसेना राफेल विमानों के साथ जनवरी के तीसरे सप्ताह में फ्रांस के साथ युद्धाभ्यास SKYROS में हिस्सा लेगी. ये युद्धाभ्यास जोधपुर में आयोजित किया जाएगा. फ्रांस की वायुसेना के राफेल विमान युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे. ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय वायुसेना की 17 स्क्वॉड्रन और सुखोई-30 एमकेआई विमान हिस्सा लेंगे.
फ्रांस से राफेल विमान मिलने के बाद भारतीय वायुसेना का ये पहला बड़ा युद्धाभ्यास होगा. राफेल विमानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अगस्त 2020 में सेना में शामिल किया था.







