नई दिल्ली. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन में सीरीज का तीसरा और निर्णायक टेस्ट खेला जा रहा है. इस टेस्ट के दूसरे दिन बुधवार को भारत ने मेजबान टीम को 210 रन पर समेट दिया और पहली पारी में 223 रन पर ऑल आउट होने के बावजूद मेजबान टीम पर 13 रन की बढ़त हासिल कर ली. इसमें तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) का रोल सबसे अहम रहा. इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया के बाद बुमराह ने दक्षिण अफ्रीका में भी अपना डंका बजाया. उन्होंने पहली पारी में 42 रन देकर 5 विकेट झटके. बुमराह ने करियर में 7वीं और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरी बार पारी में 5 विकेट हासिल करने का कारनामा किया. बुमराह के इस प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया की अक्सर आलोचना करने वाले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) भी उनके फैन हो गए.
माइकल वॉन ने ट्वीट कर जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की तारीफ की. उन्होंने लिखा, “कितने शानदार हैं बुमराह, मुझे लगता है कि सभी प्रारूपों में वह इस समय दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं.” सिर्फ वॉन ने ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज ने भी भारतीय तेज गेंदबाज की सराहना की. शॉन पोलाक ने बुमराह की इस उपबल्धि को सनसनीखेज बताते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैदान पर बुमराह से ज्यादा कोई इसका हकदार था. उन्होंने वाकई शानदार गेंदबाजी की. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को सबसे अधिक परेशान किया.”
वसीम जाफर ने भी बुमराह की तारीफ की
वहीं, पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर (Wasim Jaffer) ने भी एक मेजदार मीम शेयर कर बुमराह की तारीफ की. बुमराह के स्पेल का मुख्य आकर्षण तब आया, जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के मार्को यानसेन को एक खूबसूरत गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया. बुमराह ने 2018 में केपटाउन में ही अपना टेस्ट डेब्यू किया था और 4 साल बाद इसी मैदान पर पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया.
बुमराह ने दिलाई भारत को बढ़त
बुमराह के प्रभावशाली गेंदबाजी के बाद विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने शुरुआती झटकों से टीम इंडिया को उबारते हुए केपटाउन टेस्ट के दूसरे दिन भारत की बढ़त को 70 रन तक पहुंचा दिया. स्टंप्स तक भारत ने दो विकेट खोकर 57 रन बनाए. विराट कोहली 14 और चेतेश्वर पुजारा 9 रन पर नाबाद लौटे. अब तीसरे दिन इन दोनों पर भारत की बढ़त को और मजबूत बनाने की जिम्मेदारी होगी. अगर दोनों बड़ी पारी खेलने में सफल होते हैं तो दक्षिण अफ्रीका में सीरीज जीत का 29 साल का सूखा खत्म हो जाएगा.




