नई दिल्ली, 6 जुलाई 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होने की चर्चा के बीच बिहार के राजनेता पशुपति पारस सुर्खियों में आ गए हैं। लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं- क्‍या उन्‍हें भी कैबिनेट में जगह मिलेगी? क्‍या वे भी मंत्री बनेंगे। इन सवालों का जवाब सोमवार को तब मिलने की उम्‍मीद जागी, जब पशुपति पारस नए कुर्ते की खरीदारी करते देखे गए। जी हां, वो नेताओं वाला कुर्ता खरीदने दुकान पर पहुंचे थे।

पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वह मंत्रिमंडल में शामिल होने के “बुलावे” पर शपथ समारोह की तैयारी कर रहे हैं, तो पारस ने कहा- “राज को राज ही रहने दो।” उनका ये कहना ही एक गहरा संकेत था। पिछले दिनों भी उन्‍होंने ऐसी कई बातें कही थीं, जिनसे लग रहा था कि, कुछ बड़ा परिर्वतन होगा। उदाहरण के लिए, पिछले महीने, चिराग पासवान को लोजपा के नेता के रूप में विस्थापित करने के कुछ दिनों बाद, 71 वर्षीय पशुपति पारस ने ऐलान किया था कि, मैं केंद्र सरकार का हिस्‍सा बनने के लिए तैयार हूं। उन्होंने पत्‍रकारों से कहा, “जब मैं केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ लूंगा, तो मैं संसदीय दल से इस्तीफा भी दे दूंगा।”

पशुपति पारस वही नेता हैं, जिन पर अपने भतीजे चिराग पासवान के खिलाफ तख्तापलट कराने के आरोप लग रहे हैं, वह रामविलास पासवान के भाई ही हैं और चिराग रामविलास पासवान के बेटे हैं। रामविलास पासवान ने ही लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) की स्‍थापना की थी, और रामविलास पासवान की मौत के बाद से इस पार्टी का जिम्‍मा चिराग ही संभाल रहे थे। हालांकि, अब पशुपति पारस ने एलजेपी को विभाजित करवा दिया है। तब से संकेत मिल रहे हैं कि उन्हें कैबिनेट में जगह मिलेगी।

चिराग के पिता एवं केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का पिछले साल अक्टूबर में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु के बाद रामविलास पासवान की पहली जयंती के अवसर पर पारस ने चिराग पासवान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पारस ने अपने दिवंगत भाई रामविलास पासवान को याद करते हुए कहा, “वो पूरे देश के नेता थे। उन्होंने हर वर्ग के बारे में सोचा, चाहे वह गरीब हो या अमीर या कोई भी जाति… लेकिन समय से पहले हमारे बीच से चले गए। मैं उनका छोटा भाई लक्ष्मण हूं। पार्टी को मैं उनके रास्‍ते पर ही चलाउंगा।”

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें कैबिनेट में जगह मिलने संबंधी गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया, इस पर पारस ने कहा, “मुझे नहीं पता कि अमित शाह ने फोन किया या नहीं। अगर वो फोन करते हैं, तो मैं उनसे बात करूंगा।”