नई दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 पेश करते हुए कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुका है। पिछले 10 वर्षों के विकास ट्रैक रिकॉर्ड और संरचनात्मक सुधारों ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल भारत के संतुलित विकास और सबका विकास साकार करने के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
निजी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री ने कहा कि जियो-पॉलिटिकल तनाव से वैश्विक विकास दर प्रभावित हुई है, लेकिन इससे भारत में निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार का ध्यान बजट में 10 खास विषयों पर केंद्रित रहेगा, जिससे निर्यात को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार मध्यम वर्ग की खपत बढ़ाने पर विशेष जोर देगी, जिससे अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
किसानों और छात्रों को सौगात
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा बढ़ी
सरकार ने 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋण की सुविधा देने वाले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है।
MSME के विकास को मिलेगी रफ्तार
सभी MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों) के लिए निवेश और टर्नओवर की सीमा क्रमशः 2.5 गुना और 2 गुना तक बढ़ाई जाएगी। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सरकार ने पूर्वी भारत के तीन निष्क्रिय यूरिया संयंत्रों को फिर से शुरू किया है। साथ ही, असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता वाला नया यूरिया संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिससे किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराया जा सकेगा।
सरकार ने विकास, निजी निवेश, कृषि और उद्योग क्षेत्र में संतुलित सुधार की दिशा में कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहेगा, और सरकार सभी वर्गों के विकास को प्राथमिकता देगी।




