रूस-यूक्रेन के युद्ध के बीच अधर में लटके भारत के रक्षा सौदे.. रूस और अमेरिका के बीच कैसे बैलेंस बिठा पायेगा भारत

रूस-यूक्रेन के युद्ध के बीच अधर में लटके भारत के रक्षा सौदे.. रूस और अमेरिका के बीच कैसे बैलेंस बिठा पायेगा भारत

नई दिल्ली : ग्‍लोबलाइजेशन के दौर में जंग कहीं छिड़े, असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की लपटें भारत तक पहुंच रही हैं। रक्षा जरूरतों के लिए काफी हद तक रूस पर निर्भर भारत को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं। इस वजह से भारत और रूस के बीच महत्‍वपूर्ण रक्षा सौदे अधर में लटक गए हैं। चुनौती बड़ी है क्‍योंकि लद्दाख सीमा पर चीन के खिलाफ तैयारी भी पूरी रखनी है। 2020 में झड़प के बाद से भारत ने बड़ी तेजी से अपना रक्षा भंडार बढ़ाया है इसलिए कुछ समय तक तो परेशानी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। सेना, नौसेना और वायुसेना के कॉन्‍ट्रैक्‍ट्स का स्‍टेटस चेक हो रहा है। सैन्‍य मामलों के विभाग (DMA) ने तीनों सर्विर्सिज से डेटा मांगा है। यह आंकलन हो रहा है कि यूक्रेन-रूस संकट का तात्‍कालिक असर क्‍या होगा और छह महीने बाद क्‍या स्थिति होगी।

रूस vs यूक्रेन : भारत के लिए परेशानी
यूक्रेन पर हमला बोलकर रूस ने पश्चिमी देशों की नाराजगी मोल ली है। रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए हैं। नतीजा भारतीय बैंक रूसी हथियार कंपिनयों को शेड्यूल्‍ड पेमेंट भी नहीं कर पा रहे हैं। संभावना है कि अमेरिका अभी रूस पर CAATSA (Countering America’s Adversaries through Sanctions Act) के तहत प्रतिबंध लगा सकता है। इसका निकट भविष्‍य में होने वाली हथियारों की सप्‍लाई पर गहरा असर पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, भारत को पेमेंट के लिए नए तरीके खोजने होंगे।

रूस पर कितना निर्भर है भारत?
भारत को रूस से पहला मिग-21 विमान 1963 में मिला। उसके बाद से दोनों देशों के रक्षा संबंध लगातार मजबूत होते गए। साल 2021 तक, रूस ने भारत को 70 बिलियन डॉलर से ज्‍यादा के हथियार बेच दिए थे। भारत का 70% मिलिट्री हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर सोवियत/रूसी है। इसी से समझा जा सकता है कि भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए फिलहाल रूस पर कितना निर्भर है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के असर को लेकर इसी हफ्ते रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की बैठक हुई। भारत की तीनों सेनाओं में से एयरफोर्स रूस पर सबसे ज्‍यादा निर्भर है। उसके लड़ाकू विमानो की ज्‍यादातर फ्लीट रूसी है। नेवी भी बड़े पैमाने पर रूस से आयात करती है। हालांकि रूस ने भारत को भरोसा दिलाया है कि रक्षा सप्‍लाई प्रभावित नहीं होगी।

भारत और रूस : किन सौदों पर पड़ेगा असर?

  • 2023 तक 40,000 करोड़ रुपये में 5 Triumf सरफेस-टू-एयर मिसाइल स्‍क्‍वाड्रंस आनी हैं, पहली डिलिवर की जा चुकी है। दूसरी जून-जुलाई में आनी है।
  • 36,000 करोड़ रुपये की लागत वाली BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल। भारत ने जनवरी में फिलीपींस के साथ 375 मिलियन डॉलर का एक्‍सपोर्ट करार किया।
  • 2018 मे हुए समझौते के तहत चार 4000 टन वजनी ग्रिगोरिविच-क्‍लास गाइडेस सबमरीन फ्रिजेट्स बनाई जा रही हैं। पहली दो रूस में 8,000 करोड़ के बजट में बन रही हैं। बाकी दो गोवा में 13,000 करोड़ में बनाई जाएंगी।
  • न्‍यूक्लियर पावर्ड अटैक सबमरीन (चक्र III) को 2025-26 तक डिलिवर करना है। यह 3 बिलियन डॉलर की लीज डील है।
  • कोरवा ऑर्ड‍िनेंस फैक्‍ट्री में 6 लाख AK-203 असॉल्‍ट राइफलें बनाई जानी हैं। लागत 5,124 करोड़ रुपये।
  • 21 मिग-29 और 12 सुखोई-30MKI फाइटर्स पर बातचीत जारी।

अमेरिका हिचका तो रूस ने दिया भारत का साथ
भारत के अमेरिका और रूस संग रिश्‍तों की डायनैमिक्‍स समझनी हो तो 60 के दशक में लौटना होगा। उस वक्‍त भारत अमेरिका से F-104 स्‍टारफाइटर्स खरीदना चाहता था, मगर अंकल सैम कतरा रहे थे। पाकिस्‍तान को अमेरिका ऐसे फाइटर्स पहले ही बेच चुका था। फिर भारत ने रूस का रुख किया और बेहतर मिग-21 जेट्स खरीदे। 1963 में मिग-21 भारतीय वायुसेना का हिस्‍सा बना। हालांकि पिछले दो दशक में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी बढ़ी है मगर रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्‍लायर है। जाहिर कि आने वाले समय में भारत के सामने अमेरिका और रूस के बीच बैलेंस बनाकर रखने की चुनौती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related

Unlocking a Realm Beyond Gamstop Where Opportunities Flourish

Exploring Non Gamstop Adventures: A Gambling Frontier ...

Betoverende spanning met maar 10 euro in online casino’s

Spannende weddenschappen met slechts 10 euro in online casino's ...

Олимп Казино – 2026 Казахстан Ставки на спорт и Olimp Casino

Олимп Казино - 2026 Казахстан Ставки на спорт и...

Betify Casino – Avis & Bonus exclusif (2026)

Betify Casino - Avis & Bonus exclusif (2026) ...