नोएडा में IIT बाबा के साथ मारपीट, न्यूज चैनल पर लगाए गंभीर आरोप,‘डंडे से मारा और कमरे में किया बंद…’

नोएडा में एक प्राइवेट न्यूज चैनल के डिबेट शो के दौरान मशहूर आईआईटी बाबा के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। बाबा का आरोप है कि उन्हें डिबेट में बुलाकर न केवल अपमानित किया गया, बल्कि भगवा वेशधारी कुछ लोगों ने उन पर हमला भी किया। इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की, लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

IIT बाबा ने लगाए गंभीर आरोप
आईआईटी बाबा, जिनका असली नाम अभय सिंह है, ने कहा कि 28 फरवरी 2025 को उन्हें एक न्यूज चैनल में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। इंटरव्यू के दौरान माहौल अचानक बदल गया और वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। बाबा के मुताबिक, बाहर से कुछ भगवा वस्त्रधारी लोग अंदर घुस आए और उन पर हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी वेदमूरती नंद सरस्वती नाम के व्यक्ति ने उन पर डंडे से वार किया और उन्हें जबरदस्ती एक कमरे में बंद करने की कोशिश की। इस घटना के दौरान उन्होंने इंस्टाग्राम पर लाइव वीडियो भी शुरू कर दिया, ताकि सब कुछ रिकॉर्ड हो सके।

पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
इस घटना के बाद आईआईटी बाबा ने नोएडा सेक्टर 126 थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। बाबा का आरोप है कि पुलिस ने उनकी बात सुनी जरूर, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया और उन्हें बिना किसी कार्रवाई के वापस भेज दिया।

कौन हैं IIT बाबा?
हरियाणा के रहने वाले अभय सिंह कभी आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कर चुके हैं। उन्होंने कनाडा में हाई-सैलरी जॉब को छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपनाया और ‘आईआईटी बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध हो गए। प्रयागराज महाकुंभ में दिए एक इंटरव्यू के बाद वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। हालांकि, वह विवादों में भी रहे हैं और जूना अखाड़े से निष्कासित किए जा चुके हैं।

पहले भी रहे हैं सुर्खियों में
हाल ही में आईआईटी बाबा ने क्रिकेट चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को लेकर भविष्यवाणी की थी कि भारत, पाकिस्तान से हार जाएगा। लेकिन यह भविष्यवाणी गलत साबित हुई और 23 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस भविष्यवाणी के गलत होने के बाद भी वह सोशल मीडिया पर ट्रोल होते रहे।

अब इस ताजा विवाद के बाद आईआईटी बाबा फिर से सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार कारण आध्यात्मिक नहीं, बल्कि विवादास्पद है।

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