द फ्रंट डेस्क, ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) को आमतौर पर सर्वाइकल कैंसर से जोड़ा जाता है, लेकिन यह वायरस केवल एक नहीं, बल्कि पांच तरह के कैंसर का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय रहते टीकाकरण, जागरूकता और नियमित जांच पर ध्यान दिया जाए, तो इन कैंसर के मामलों में भारी कमी लाई जा सकती है।
HPV से होने वाले 5 प्रकार के कैंसर
ओरोफेरींजियल (मुँह और गले) कैंसर
एचपीवी विशेष रूप से टॉन्सिल और जीभ के निचले हिस्से के कैंसर से जुड़ा हुआ है। एचपीवी-16 इस कैंसर का मुख्य कारण है, और विकसित देशों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
गुदा (एनस) कैंसर
अधिकतर एनल कैंसर के पीछे एचपीवी संक्रमण ही ज़िम्मेदार होता है। कमजोर इम्यूनिटी, असुरक्षित यौन संबंध और एचपीवी का पुराना संक्रमण इस कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
वल्वर और योनि कैंसर
यह कैंसर योनि और उसके बाहरी हिस्से में होता है। हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन एचपीवी-16 और 18 को इसका प्रमुख कारण माना जाता है।
लिंग (पेनाइल) कैंसर
पुरुषों में एचपीवी-16 और 18 संक्रमण के कारण लिंग कैंसर हो सकता है। धूम्रपान, खराब स्वच्छता और असुरक्षित यौन संबंध इस खतरे को बढ़ाते हैं।
सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर
महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक, सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण एचपीवी संक्रमण है। नियमित पैप स्मीयर टेस्ट और एचपीवी वैक्सीन से इससे बचा जा सकता है।
HPV से बचाव के उपाय
✅ टीकाकरण (HPV वैक्सीन) – गार्डासिल (Gardasil) और सर्वेरिक्स (Cervarix) जैसी वैक्सीन हाई-रिस्क एचपीवी संक्रमण से बचाती हैं। 9-14 वर्ष की उम्र में टीका लगवाना सबसे प्रभावी होता है।
✅ नियमित जांच (स्क्रीनिंग) – सर्वाइकल कैंसर और अन्य एचपीवी संबंधी कैंसर के लिए पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट बेहद जरूरी हैं।
✅ सुरक्षित यौन संबंध और स्वच्छता – संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाएं और धूम्रपान जैसी आदतों से दूर रहें।
समय पर सतर्कता से बच सकता है कैंसर
डॉक्टरों का मानना है कि HPV संक्रमण को रोककर लाखों जिंदगियों को बचाया जा सकता है। टीकाकरण, जागरूकता और नियमित जांच को अपनाकर इस वायरस से जुड़े खतरों को कम किया जा सकता है।




