प्रयागराज, के महाकुंभ में बुधवार तड़के मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के दौरान भगदड़ मच गई, जिससे कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। प्रशासन ने घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।
रात 1.30 बजे कैसे मची भगदड़ ?
महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। संगम पर भीड़ इतनी अधिक बढ़ गई कि बैरिकेडिंग खोलनी पड़ी। जैसे ही बैरिकेड्स खुले, भीड़ बेकाबू हो गई और श्रद्धालु एक-दूसरे को धक्का देते हुए आगे बढ़ने लगे। संगम घाट पर पोल नंबर 90 से 118 तक भगदड़ की स्थिति बन गई, जिसमें लोग जमीन पर गिर पड़े और कई लोग कुचलकर घायल हो गए।
भगदड़ के वक्त क्या थी स्थिति?
- 1.75 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगा चुके थे, जिससे घाटों पर भारी भीड़ जमा हो गई।
बैरिकेड्स खुलते ही लोग अचानक आगे बढ़ने लगे, जिससे भगदड़ मच गई। - प्रशासन ने हालात को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के दबाव से अवरोधक टूट गए।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस घाटों पर भेजी गईं। - हेलीकॉप्टर से निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके।
किन कारणों से हुई लोगों की मौत?
- अत्यधिक भीड़ के दबाव से कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और दम घुटने से मौत हो गई।
- भगदड़ में कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए, जिन्हें भीड़ ने कुचल दिया।
- अव्यवस्थित बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण की कमी से हालात बिगड़ते चले गए।
- मौके पर मेडिकल सुविधा सीमित न होने के कारण घायलों को तत्काल इलाज मिलने में दिक्कतें आईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, घायलों का इलाज कर रहे आर्मी हॉस्पिटल के डॉक्टर
घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 10 से अधिक जिलाधिकारी (DM) महाकुंभ के हालात संभालने में जुटे हुए हैं।
- घायलों को मेला क्षेत्र के केंद्रीय अस्पताल और आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
- आर्मी हॉस्पिटल के डॉक्टर भी घायलों के इलाज में मदद कर रहे हैं।
- प्रशासन श्रद्धालुओं से दूसरे घाटों पर स्नान करने की अपील कर रहा है ताकि भीड़ का दबाव कम हो सके।
सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश, अधिकारियों की होगी जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में भगदड़ की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि यह अधिकारियों की बड़ी चूक का नतीजा है। उन्होंने निर्देश दिए कि घटना की जांच कर दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने देगी।
महाकुंभ भगदड़ पर पीएम मोदी ने जताया दुख
महाकुंभ भगदड़ पर पीएम मोदी ने कहा,’प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है. इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. इसके साथ ही मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है. इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं.’
प्रशासन सख्त, भीड़ पर नियंत्रण
- प्रशासन हालात को काबू में करने के लिए भीड़ नियंत्रण की नई रणनीति पर काम कर रहा है।
- हेलीकॉप्टर और ड्रोन कैमरों की मदद से भीड़ प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा।
- घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा देने के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों और एंबुलेंस की तैनाती की गई है।
- सरकार घटना की उच्च स्तरीय जांच कराएगी और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महाकुंभ में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन को अब और भी सख्त रणनीति अपनाने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।




