द फ्रंट डेस्क, हर साल गणतंत्र दिवस की परेड में भारत की विविधता और सामरिक ताकत को दिखाने वाली झांकियां आकर्षण का केंद्र होती हैं। इस साल भारतीय नौसेना की झांकी खास होगी, जिसमें पनडुब्बी INS वागशीर, युद्धपोत INS सूरत और INS नीलगिरी शामिल किए गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए झांकियों का चयन कैसे किया जाता है?
गणतंत्र दिवस के आयोजनों की पूरी जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय के पास होती है। मंत्रालय हर साल राज्यों, विभिन्न मंत्रालयों, और सरकारी उपक्रमों से झांकी के लिए आवेदन मांगता है। चयन प्रक्रिया की शुरुआत सितंबर या अक्टूबर में होती है। इस प्रक्रिया को रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित सेलेक्शन कमेटी देखती है, जिसमें म्यूजिक, आर्किटेक्चर, पेंटिंग, कोरियोग्राफी, और मूर्तिकला जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
पहले चरण में, झांकी के आवेदन का स्केच पेश किया जाता है। इसमें झांकी की थीम, डिजाइन और कॉन्सेप्ट की समीक्षा होती है। कमेटी यह देखती है कि झांकी का विषय कितना प्रभावी है और उसकी प्रस्तुति कितनी स्पष्ट है।
पहले चरण में चयनित आवेदकों को अपनी झांकी का 3डी मॉडल प्रस्तुत करना होता है। इस मॉडल की प्रस्तुति के आधार पर फाइनल झांकी के निर्माण की अनुमति दी जाती है।
झांकियों के चयन में 6-7 चरण होते हैं। चयनित झांकियों को आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं, और यदि कोई कमी होती है, तो उसे सुधारने का मौका दिया जाता है।
महत्वपूर्ण मानक
झांकी में इको-फ्रेंडली सामग्री का इस्तेमाल प्राथमिकता पर होता है।
राज्य का नाम हिंदी या अंग्रेजी में स्पष्ट रूप से लिखा जाना चाहिए।
झांकी का संगीत, विषय-वस्तु, और डिजाइन दर्शकों पर गहरा प्रभाव डालने वाला होना चाहिए।
झांकियों की विविधता को बनाए रखने के लिए, दो राज्यों की झांकियां एक जैसी नहीं होनी चाहिए।
रक्षा मंत्रालय की तैयारी
मंत्रालय झांकी के लिए ट्रैक्टर और ट्रेलर भी उपलब्ध कराता है। झांकी की थीम और संदेश को भारतीय संस्कृति, कला, और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक होना चाहिए।




