नई दिल्ली। देश में ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत केंद्र से लेकर जिला स्तर पर एंटी नारकोटिक्स तंत्र विकसित करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए पोर्टल बनाने, आम जनता से मदद लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर शुरु करने, बंदरगाहों पर हर कंटेनर को स्कैन करने और राज्यों में विशेष प्रशिक्षित कुत्तों का स्वाड तैयार करने जैसे कई कदम उठाये जा सकते हैं।
नारको समन्वय केंद्र (एनकोर्ड) की तीसरी बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ड्रग को देश की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनाया। एनकोर्ड की बैठक में अमित शाह ने कहा कि सभी राज्यों को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के अधीन एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाने को कहा। उनके अनुसार ड्रग को पकड़ने में विशेष रूप से प्रशिक्षित कुत्तों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नार्को कैनाइन पूल विकसित किया जाएगा। एनएसजी और एनसीबी इन्हें प्रशिक्षित करने की विशेष रूप से व्यवस्था करेगा और इससे सभी राज्यों में प्रशिक्षित कुत्तों का स्वायड बनाया जाएगा।
समुद्र के रास्ते होती है 60-70 फीसद ड्रग की तस्करी
देश में लगभग 60-70 फीसद ड्रग की तस्करी समुद्र के रास्ते होती है। इसे रोकने के लिए अमित शाह ने समुद्र के किनारे वाले राज्यों में विशेष कदम उठाने को कहा। उनके अनुसार इन राज्यों में एंटी नारकोटिक्स की बैठकों में कोस्टगार्ड, नौसेना और पोर्ट अथारिटी के अधिकारियों को भी शामिल करने की जरूरत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी निजी और सरकारी बंदरगाहों पर आने वाले कंटेनरों की स्कैनिंग के लिए विशेष स्कैनर लगाने के लिए जहाजरानी मंत्रालय से बातचीत चल रही है।
ध्यान देने की बात है कि पिछले कुछ महीने में बड़ी मात्रा में पोर्ट पर ड्रग जब्त किये गए हैं। ड्रग तस्करी पर रोकथाम में नाकामी के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को बड़ी वजह होती है। इसे दूर करने के लिए अमित शाह ने एनकोर्ड की विशेष पोर्टल तैयार करने को कहा कि जिस पर सभी एजेंसियां ड्रग से संबंधित सूचनाओं का आदानप्रदान करेंगी और उसके आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी करने का अमित शाह ने दिया निर्देश
ड्रग के खिलाफ लड़ाई में आम जनता को शामिल करने के लिए शाह ने विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी करने का निर्देश दिया। इस हेल्पलाइन पर सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। इसके साथ उन्होंने डार्क नेट और क्रिप्टो कैरेंसी के ड्रग तस्करी में हो रहे इस्तेमाल के लिए तंत्र तैयार करने को कहा। इसी तरह देश में ड्रग की अवैध खेती की रोकथाम के लिए ड्रोन और सैटेलाइट के इस्तेमाल पर बल दिया।
अमित शाह ने बताया कि ड्रग के प्रसंस्करण में इस्तेमाल किये जाने वाले केमिकल्स का दुरूपयोग रोकने के लिए एक अतंर मंत्रालीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसका संचालन रसायन व उर्वरक मंत्रालय करेगा। इसी तरह से दोहरे उपयोग वाली प्रीस्कि्रप्शन दवाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के नेतृत्व में एक अलग अंतर मंत्रालयी समिति का गठन दिया जाएगा, जिसमें फार्मा विभाग, नेशनल मेडिकल कमीशन और गृह मंत्रालय व एनसीबी के अधिकारियों के साथ-साथ उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी रखा जाएगा। बैठक में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ एनसीबी, अर्द्धसैनिक बलों, गृह मंत्रालय व अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।




