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Hindi Diwas 2022: अमित शाह ने बताया क्यों मोदी देश-विदेश में हिंदी में भाषण देते हैं, साथ पढ़िए PM का संदेश

Hindi Diwas 2022: अमित शाह ने बताया क्यों मोदी देश-विदेश में हिंदी में भाषण देते हैं, साथ पढ़िए PM का संदेश

Hindi Diwas 2022: आज (14 सितंबर) को हिंदी दिवस है। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश के नाम एक वीडियो संदेश दिया। इसमें हिंदी के महत्व, उसकी उपयोगिता, स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी के प्रयोग और प्रधानमंत्री के देश-विदेश में हिंदी में होने वाले भाषणों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने भी अपना संदेश दिया है। बता दें कि भारत के संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी भाषा को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया। उस समय से ही हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा है। सुनिए अमित शाह ने अपने वीडियो संदेश में क्या संदेश दिया…

सभी भारतीय भाषाओं का विकास अत्यंत  आवश्यक है
प्रधानमंत्री देश-विदेश के मंचों पर हिंदी में भाषण देते हैं, जिससे सभी हिंदी प्रेमियों में उत्साह का संचार होता है। आजादी के 75 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और प्रधानमंत्री के प्रतिभाशाली नेतृत्व में आने वाले 25 वर्षों को देश के अमृतकाल के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में भाषाई समरसता को ध्यान में रखते हुए हिंदी तथा हमारी सभी भारतीय भाषाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। शाह ने कहा कि आइए आज संकल्प लें कि दैनिक कार्य में, कार्यालय के कामकाज में अधिक से अधिक काम हिंदी तथा स्थानीय भाषाओं में करके दूसरों के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करें और हमारी युवा पीढ़ी को भी इस रास्ते पर हम ले जाएं। हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं हैं। वंदे मातरम!

इससे पहले अमित शाह ने कहा
देश की भाषाई सम्पन्नता को ध्यान में रखते हुए। संविधान निर्माताओं ने भारत के संविधान में भाषाओं के लिए अलग से प्रावधान किया। जिसमें प्रारंभिक 14 भाषाएं रखी गईं और अब 8वीं अनुसूचि(schedule) में कुल 22 भाषाएं सम्मिलित हैं। भारत की सभी भाषाएं महत्वपूर्ण हैं। उसका अपना-अपना एक समृद्ध इतिहास है और विभिन्न भारतीय भाषाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए हिंदी ने जनमानस के मन में एक विशेष स्थान भी प्राप्त किया है। यही कारण है कि आजादी के आंदोलन में अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने-महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, विनोबा भावे, आचार्य कृपलानी, काका साहेब कालेलकर, जवाहरलाल नेहरू इन सभी ने हिंदी को संपर्क भाषा बनाकर आंदोलन की गति को बढ़ाने का प्रयास किया। स्वराज प्राप्ति के हमारे स्वतंत्रता आंदोलन में स्वभाषा का आंदोलन निहित ही था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 343(Article 343) द्वारा संघ की राजभाषा हिंदी और देवनागिरी लिपि को अपनाया।

PM मोदी ने किया tweet
हिंदी दिवस पर पीएम मोदी ने tweet करके लिखा-हिन्दी ने विश्वभर में भारत को एक विशिष्ट सम्मान दिलाया है। इसकी सरलता, सहजता और संवेदनशीलता हमेशा आकर्षित करती है। हिन्दी दिवस पर मैं उन सभी लोगों का हृदय से अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने इसे समृद्ध और सशक्त बनाने में अपना अथक योगदान दिया है।

हिंदी के बारे में ये फैक्ट्स भी जानिए
हिंदी के अलावा दुनिया में तीन और भाषाएं ऐसी हैं, जो इससे भी ज्यादा बोली जाती हैं। अंग्रेजी, स्पेनिश और मंदारिन ऐसी भाषाएं हैं, जो हिंदी से भी ज्यादा बोली जाती हैं। हिंदी को भारत के अलावा, नेपाल, तिब्बत, फिजी, अमरीका, मॉरीशस, फिलीपींस, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, युगांडा, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, सूरीनाम, त्रिनीदाद, पाकिस्तान और गुयाना जैसे देशों में भी कुछ-कुछ बदलावों के साथ बोला जाता है। ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में अब तक एक हजार से अधिक हिंदी के शब्द शामिल किए जा चुके हैं। हर साल ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में हिंदी के नए शब्द जुड़ते हैं। अच्छा और सूर्य नमस्कार जैसे शब्द भी डिक्शनरी में जोड़े जा चुके हैं। 

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