पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और बिहार के मंत्री सम्राट चौधरी के बीच जबरदस्त बहस देखने को मिली। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए, जिससे सदन में हंगामा बढ़ गया और स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।
दरअसल, जब तेजस्वी यादव बोल रहे थे, तभी सदन में हल्का हंगामा हुआ। इस पर आरजेडी विधायकों ने भी विरोध जताया। तेजस्वी ने कहा, “एक्शन होगा तो रिएक्शन भी होगा।” उन्होंने सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह उनके पिता के बारे में कुछ नहीं बोलना चाहते, लेकिन यह बताएं कि उनके पिता ने गांधी मैदान या बीजेपी की रैलियों में मुख्यमंत्री के खिलाफ क्या कहा था?
तेजस्वी के इस बयान पर सम्राट चौधरी खड़े हो गए और कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। इस पर तेजस्वी ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या उनके पिता ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “खड़े होकर बताइए कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा!”
इस पर सम्राट चौधरी भी आक्रामक हो गए और तेजस्वी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पिता, लालू प्रसाद यादव, ने बिहार को लूट लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव ने गरीबों और वंचितों का शोषण किया। इस बयान पर आरजेडी विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में हंगामा तेज हो गया।
तेजस्वी यादव ने इसके जवाब में कहा कि लालू प्रसाद यादव ने दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों को सामाजिक न्याय दिया और उनके शासन में बिहार में सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए। उन्होंने दावा किया कि लालू यादव ने हर जाति के लोगों को सत्ता में भागीदारी दी।
बातचीत के दौरान तेजस्वी ने सम्राट चौधरी पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि “आप असली भाजपाई कब बने? आप नागपुर (आरएसएस मुख्यालय) कब गए?” इस सवाल पर सम्राट चौधरी नाराज हो गए और बीजेपी विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
बात बढ़ती देख विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों नेताओं को व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचने की नसीहत दी और सदन को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, इस तीखी बहस के कारण सदन का माहौल गर्म रहा और कार्यवाही बाधित हुई।




