जूनागढ़ (गुजरात), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में जंगल सफारी का आनंद लिया और वन्यजीव संरक्षण पर भारत की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत में बायोडायवर्सिटी और पर्यावरण संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है, जिसके चलते देश में वन्यजीवों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
भारत में वन्यजीव संरक्षण की सफलता
पीएम मोदी ने कहा कि जब कई टाइगर रेंज देशों में बाघों की आबादी स्थिर या कम हो रही है, भारत में यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि भारत में इकोलॉजी और इकोनॉमी को एक-दूसरे से अलग नहीं माना जाता, बल्कि दोनों को साथ लेकर चलने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को लेकर भारत की सफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश में बाघों, शेरों और तेंदुओं की आबादी में लगातार वृद्धि हुई है। गिर राष्ट्रीय उद्यान एशियाटिक शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास है, और यहां इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।
पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल एक देश की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक मुद्दा है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण और जैव विविधता की सुरक्षा मानवता के भविष्य के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा, “पृथ्वी की अविश्वसनीय जैव विविधता की रक्षा और संरक्षण के लिए हमें अपनी प्रतिबद्धता को दोहराना चाहिए। हर प्रजाति की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और हमें इसे समझना होगा।” उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया।
भारत की उपलब्धियां और आगे की दिशा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी है और कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि “प्रोजेक्ट टाइगर” और “प्रोजेक्ट लॉयन” जैसी योजनाओं से वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, वनों और संरक्षित क्षेत्रों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, जिससे जैव विविधता को सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत को वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में अपने योगदान पर गर्व है और देश आगे भी इस दिशा में मजबूती से कार्य करता रहेगा।
विश्व वन्यजीव दिवस पर पीएम मोदी का यह संदेश साफ है कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं और हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुनिश्चित करना होगा।”
गिर के जंगलों में जंगल सफारी का आनंद लेने के बाद पीएम मोदी ने राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।




