मौनी अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति का सुनहरा अवसर, पितृ चालीसा का जरूर करें पाठ

मौनी अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति का सुनहरा अवसर, पितृ चालीसा का जरूर करें पाठ

द फ्रंट डेस्क, मौनी अमावस्या का दिन हिंदू धर्म में पितरों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण, पिंडदान, और पूजा-पाठ करके पितृ दोष से मुक्ति पाई जा सकती है।

माघ माह की पवित्र अमावस्या
माघ महीने की अमावस्या, जिसे मौनी अमावस्या कहा जाता है, का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पितृ तर्पण का विशेष फल मिलता है।

पितृ दोष से मुक्ति के लिए पितृ चालीसा का पाठ
मौनी अमावस्या पर पितृ चालीसा का पाठ करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितर धरती पर आते हैं और तर्पण व दान से प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।

तिथि और समय
माघ अमावस्या तिथि की शुरुआत 28 जनवरी 2025 को शाम 7:35 बजे होगी और समापन 29 जनवरी 2025 को शाम 6:05 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, मौनी अमावस्या 29 जनवरी को मनाई जाएगी।

महाकुंभ का अमृत स्नान
इस बार मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ का अमृत स्नान भी आयोजित किया जाएगा। गंगा स्नान और दान से पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है।

पितृ चालीसा का महत्व
मौनी अमावस्या पर पितृ चालीसा का पाठ करने से न केवल पितृ दोष समाप्त होता है, बल्कि पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
पितृ चालीसा का दोहा:
हे पितरेश्वर आपको दे दो आशीर्वाद,
चरण शीश नवा दियो रख दो सिर पर हाथ।

पितरों की कृपा प्राप्त करने के उपाय

मौन रहकर गंगा स्नान करें।
पितरों का तर्पण और पिंडदान करें।
जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें।
घर में पितृ चालीसा का पाठ करें।

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