लखनऊ, योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रचंड जीत के साथ भाजपा सत्ता में वापस आई है। फिलहाल नई सरकार का गठन नहीं हुआ है, लेकिन वह एक्शन में आ गई है। राज्य में आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस वेलफेयर बोर्ड बनाने की कवायद चल रही है। यूपी ऐसा पहला राज्य होगा, जहां इस तरह के बोर्ड का गठन होगा। इसके फ्री राशन की योजना भी 2024 तक बढ़ाए जाने की कवायद है।
ईडब्ल्यूएस वेलफेयर बोर्ड का काम शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण संबंधी नियमों के पालन का निगरानी करना होगा। इसके अलावा यह सरकार को पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए सिफारिशें भी देगा। बोर्ड में तकनीकी विभाग, शिक्षा विभाग और भर्ती आयोगों के उच्चस्तीय प्रतिनिधि होंगे।
शासन ने मांगा खाका- जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश शासन दो से तीन के अंदर ईडब्ल्यूएस वेलफेयर बोर्ड का खाका मांगा है। समाज कल्याण मंत्री अध्यक्ष और राज्य मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। तकनिकी शिक्षा विभाग, चिकित्सा शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को भी इसका हिस्सा बनाया जाएगा। इसके अलावा यूपी लोक सेवा आयो और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधिकारी भी इसमें होंगे। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद कैबिनेट इस पर प्रस्ताव जारी कर सकता है।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ किसे मिलता है- ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ एससी, एसटी, या ओबीसी श्रेणी में न आने वाले लोगों को मिलता है, जिनकी सलाना आय आठ लाख रुपये से कम है। ऐसे लोगों को सभा शैक्षणिक, तकनीकी संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण मिलता है।
होली के बाद भी जारी रहेगा मुफ्त राशन वितरण- उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन वितरण योजना होली के बाद भी जारी रहने वाली है। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई सरकार ने इसे विस्तार देने की योजना बना ली है। गौरतलब है कि प्रचंड जीत के साथ भाजपा एक बार फिर सूबे में सरकार बनाने जा रही है। इसके साथ ही उसने राज्य के 15 करोड़ गरीबों को खुशखबरी देते हुए इस योजना को साल 2024 तक बढ़ाने की तैयारी में है। खाद्य और रसद विभाग ने इसे लेकर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। जल्द ही इसपर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
महामारी के दौरान शुरू हुई थी योजना- उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के दौरान गरीबों को मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की गई थी। पहले यह नवंबर 2021 तक ही था,लेकिन चुनाव और महामारी के कारण लोगों की आमदनी पर पड़े असर को देखते हुए इसे मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया था। इससे विधानसभा चुनाव में पार्टी को काफी फायदा हुआ। योजना के तहत इंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो अनाज मिलता है। साथ में पात्र गृहस्थी कार्ड होल्डर्स को प्रति यूनिट पांच किलो अनाज मिलता है। इसमें तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल मिलता है।




