Maulana Madani News: पहले दिन भावुक, दूसरे दिन भड़के मदनी, कहा- जिन्हें हमारा मजहब पसंद नहीं देश छोड़ दें

Maulana Madani News: पहले दिन भावुक, दूसरे दिन भड़के मदनी, कहा- जिन्हें हमारा मजहब पसंद नहीं देश छोड़ दें

सहारनपुर:मौलाना महमूद मदनी (Maulana Mahmood Madani) के आंसू हर किसी ने देखे। आंसुओं के बीच से देश को लेकर दिया गया उनका बयान सुर्खियां बना। सहारनपुर के देवबंद में जब जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulama-I-Hind meeting in Deoband) की बैठक शुरू हुई तो बतौर अध्यक्ष मौलाना मदनी ने मंदिर-मस्जिद के मुद्दों (Mandir Masjid Issue) को देश के लिए खतरनाक करार दिया। तोड़ने वाली राजनीति को बंद किए जाने और देश की एकता के लिए हर जुल्म सहने की बात कही। मौलाना मदनी ने हिंदुत्ववादी संगठनों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि हम उनके एजेंडे पर नहीं चलेंगे। लेकिन, एक दिन बाद ही मौलाना मदनी के आंसू आक्रोश में बदले दिखे। उन्होंने कहा कि जो लोग हमें हर बात पर देश छोड़ने की हिदायत देते हैं, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को हमारा मजहब पसंद नहीं हैं, वे देश छोड़कर चले जाएं। हम देश नहीं छोड़ेंगे। मौलाना मदनी भी उसी एजेंडे पर चलते नजर आए, जिसे इस समय देश में सेट करने की कोशिश हो रही है। अब इस पर राजनीति गरमाने लगी है।

मौलाना मदनी के अंगारे
देवबंद में जमीयत की बैठक के दूसरे दिन मौलाना महमूद मदनी के अंगारे देखने को मिले। मौलाना मदनी ने कहा कि आज देश में हमारे वजूद का सवाल है। हम देश छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड के मसले पर भी कहा कि जो हमारे शरीयत का हिस्सा है, उससे छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। शादी, तलाक जैसे मुद्दों को नहीं छेड़ा जाना चाहिए। हम देश की हिफाजत के लिए जान देने को तैयार हैं। शरीयत में दखल मंजूर नहीं होगा। जिन्हें हम बर्दाश्त नहीं, वे चले जाएं। एक तरफ मदनी जोड़ने वाली बात करते दिखे। दूसरी तरफ, उन्होंने तंज कसा और सीधे एक वर्ग को निशाना पर लेने की कोशिश की।

मंदिर-मस्जिद विवाद भी दिखाए तीखे तेवर
देवबंद में जमीयत की बैठक में देश भर के उलेमाओं को बुलाया गया था। इसमें मंदिर-मस्जिद विवाद पर बड़ी बात कही गई। जमीयत की ओर से ज्ञानवापी और मथुरा विवाद के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया। इसके अलावा समान नागरिक संहिता के खिलाफ भी प्रस्ताव पास किया गया। बैठक में मदनी का अंदाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आया। शनिवार को भावुक दिखे मदनी ने रविवार को डराने और धमकाने जैसी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि तुम हमें डराने की कोशिश करते हो। देश छोड़ने वाली बातों पर उनका यह बयान सामने आया था। साथ ही, उन्होंने कहा हम डराने की कोशिश नहीं कर रहे।

मदनी ने कहा कि हम यह कह रहे हैं कि अपने लोगों को डराना बंद कर दो और जिन्हें अपना नहीं समझते हो, उन्हें भी डराना बंद कर दो। हम गैर नहीं है। यह देश हमारा ही है। इस देश के लिए हमारी जो जिम्मेदारी है, उसे हम समझते हैं। उसे हम निभाएंगे भी। उसके लिए कोई समझौता नहीं होगा। हमारा मजहब अलग है, लिबास अलग है। हमारी तहजीब भी अलग है। हमारे खाने-पीने का तरीका भी अलग है। अगर तुमको हमारा मजहब बर्दाश्त नहीं है तो तुम कहीं और चले जाओ।

मदनी ने कहा कि भेजना नहीं है किसी को। वो जरा-जरा सी बात पर कहते हैं कि पाकिस्तान चले जाओ। आपको पाकिस्तान जाने का मौका नहीं मिला था। हमें मिला था, लेकिन हमने उसे रिजेक्ट किया है। इसलिए, हम नहीं जाएंगे, जिसको भेजने का शौक है, वो चला जाए। मंदिर-मस्जिद विवाद पर बैठक में कहा गया कि इससे अशांति फैलेगी। देश की अमन-शांति को नुकसान पहुंचेगा। इसलिए, इसे बंद किया जाना चाहिए।

भाजपा की ओर से आया जवाब
जमीयत उलेमा ए हिंद की बैठक में काशी और मथुरा मुद्दे पर प्रस्ताव पास किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोर्ट की अवमानना करार दिया गया है। सांसद विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि यह देश की न्याय व्यवस्था की अवमनना का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी हो या मथुरा का मुद्दा, अभी यह कोर्ट में है। अभी जो भी घटनाक्रम चल रहा है, उसके पीछे कोर्ट के निर्देश हैं। कोर्ट ने संविधान के आधार पर अगर कुछ निर्णय किए हैं तो उसे राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। वह एक न्यायिक प्रक्रिया का अंग हैं। सभी को इस न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। इसको लेकर चल रही राजनीति किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बैठक में प्रस्ताव पास किए और अन्य विचारधारा वाले दलों से संपर्क करने के प्रस्ताव पर भाजपा सांसद ने कहा कि समान नागरिक संहिता की बात तो संविधान में ही इसके निर्माताओं ने दिया हुआ है। इसका किसी एक राजनीतिक दल से विशिष्ट संबंध नहीं है। राज्यों के स्तर पर इस पर चर्चा चल रही है। गोवा में तो स्वीधनता के समय से समान नागरिक संहिता लागू है। वहां तो किसी का उत्पीड़न नहीं हुआ है। किसी को कोई दिक्कत नहीं है। इसलिए, इस पर केवल झूठ फैलाया जा रहा है। यह सब एक राजनीति के तहत हो रहा है।

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