देश में पहली बार ‘क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन लिंक’ का सफल परीक्षण, जानें इस तकनीक के क्‍या होंगे फ़ायदे

नई दिल्ली, भारत में पहली बार ‘क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन लिंक’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। DRDO और IIT-दिल्ली के विज्ञानियों की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और विंध्याचल के बीच 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी के बीच क्वांटम की (कुंजी) डिस्ट्रीब्यूशन लिंक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इस बारे में जानकारी दी है।

उपयुक्त क्वांटम संचार नेटवर्क की बन सकेगी योजना 

यह तकनीकी सफलता वाणिज्यिक ग्रेड पर हासिल की गई जो आप्टिकल फाइबर क्षेत्र में पहले से ही उपलब्ध है। इस सफलता से देश ने बूटस्ट्रैपिंग के लिए सुरक्षित कुंजी हस्तांतरण की स्वदेशी तकनीक का प्रदर्शन किया गया।यह भी बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान मापदंडों को मापा गया और रिपोर्ट किए गए अंतरराष्ट्रीय मानकों के भीतर 10 किलोह‌र्ट्ज तक की प्रमुख दरों पर दोहराव पाया गया। यह तकनीक सुरक्षा एजेंसियों को स्वदेशी प्रौद्योगिकी के बलबूते एक उपयुक्त क्वांटम संचार नेटवर्क की योजना बनाने में सक्षम बनाएगी।

बेहतर तालमेल का शानदार उदाहरण

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डा.जी सतीश रेड्डी ने इस तकनीक के प्रदर्शन के लिए डीआरडीओ और आइआइटी दिल्ली के विज्ञानियों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने इस परीक्षण में शामिल विज्ञानी बिरादरी को भेजे अपने संदेश में कहा कि यह डीआरडीओ और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के बीच बेहतर तालमेल का एक शानदार उदाहरण है।आइआइटी दिल्ली के निदेशक, प्रोफेसर रंगन बनर्जी ने भी इससे जुड़े डीआरडीओ के संकाय और विज्ञानियों को देश की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए उनके समर्पित प्रयासों के लिए बधाई दी।

 

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